इंदौर में BRICS कृषि मंत्रियों की बैठक: वैश्विक कृषि संवाद का नया अध्याय
इंदौर में BRICS कृषि मंत्रियों की बैठक की तैयारियों की समीक्षा
इंदौर/भोपाल/नई दिल्ली - केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज इंदौर में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मिलकर BRICS कृषि मंत्रियों के सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह सम्मेलन न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि भारत और वैश्विक कृषि क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक अवसर होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य वैश्विक खाद्य सुरक्षा, कृषि व्यापार, जलवायु परिवर्तन और किसान कल्याण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर नई दिशा प्रदान करना है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह गर्व की बात है कि BRICS सम्मेलन 2026 में भारत में हो रहा है और इंदौर को कृषि मंत्रियों की बैठक के लिए चुना गया है। 9 से 11 जून 2026 तक इंदौर में BRICS कृषि कार्य समूह (AWG) की बैठक होगी, जबकि 12 और 13 जून को सदस्य देशों के कृषि मंत्री महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
श्री चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में अधिकारियों के साथ तैयारियों की व्यापक समीक्षा की गई। उन्होंने सभी व्यवस्थाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। सरकार का लक्ष्य केवल औपचारिक बैठक आयोजित करना नहीं, बल्कि एक प्रभावी आयोजन करना है जो भारत की कृषि क्षमता और नवाचार को प्रदर्शित करे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि BRICS देश कृषि के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ये देशों में दुनिया की लगभग 42 प्रतिशत कृषि भूमि और 45 प्रतिशत अनाज उत्पादन शामिल है। इंदौर में होने वाला यह सम्मेलन वैश्विक कृषि और खाद्य व्यवस्था पर प्रभाव डालने वाला एक महत्वपूर्ण मंच होगा। वर्तमान में BRICS के 11 सदस्य देश हैं, जिनमें भारत, ब्राज़ील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब शामिल हैं।
श्री चौहान ने बताया कि भारत को इस वर्ष BRICS की अध्यक्षता मिली है और कृषि मंत्रालय BRICS के कृषि कार्य समूह का समन्वय कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक AWG की दो महत्वपूर्ण बैठकें सफलतापूर्वक आयोजित हो चुकी हैं।
पत्रकार वार्ता में उन्होंने आगामी विमर्श के प्रमुख विषयों का उल्लेख किया, जिसमें वैश्विक खाद्य सुरक्षा, जलवायु स्मार्ट कृषि, कृषि व्यापार, किसान कल्याण, अनुसंधान, डिजिटल कृषि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नवाचार शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन ने नई कृषि चुनौतियाँ खड़ी की हैं, इसलिए जलवायु अनुकूल खेती और टिकाऊ कृषि प्रणालियों पर साझा रणनीति विकसित करना आवश्यक है।
श्री चौहान ने कहा कि इंदौर केवल बैठक स्थल नहीं रहेगा, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक आत्मा और मध्य प्रदेश की कृषि विविधता का परिचय भी देगा। अतिथियों को इंदौर और आसपास की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपराओं से भी परिचित कराया जाएगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि इंदौर अपनी स्वच्छता, आतिथ्य और सांस्कृतिक गरिमा के बल पर इस आयोजन को अविस्मरणीय बनाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस आयोजन को मध्य प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण बताया और कहा कि यह सम्मेलन राज्य के किसानों और कृषि नवाचारों के लिए नए अवसर खोलेगा।
शिवराज सिंह चौहान ने अंत में कहा कि इंदौर में होने वाला BRICS कृषि मंत्रियों का सम्मेलन भारत और विश्व कृषि समुदाय को नई दिशा देगा। यह आयोजन खाद्य सुरक्षा, किसान कल्याण और कृषि सहयोग का नया अध्याय लिखेगा।
