इंदौर में कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी का आत्मसमर्पण, लव जिहाद के आरोप

इंदौर लव जिहाद मामला
इंदौर लव जिहाद मामला: मध्य प्रदेश के इंदौर में लंबे समय से फरार कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी ने शुक्रवार को जिला अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। उन पर 'लव जिहाद' की साजिश रचने और इसके लिए वित्तीय सहायता देने के गंभीर आरोप हैं। पुलिस ने जुलाई में उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की थी।
गिरफ्तारी से बचने की कोशिश
अनवर कादरी लगभग दो महीने तक गिरफ्तारी से बचते रहे। पुलिस ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था और 8 सितंबर को उनकी संपत्ति कुर्क करने की योजना बनाई थी, लेकिन इससे पहले ही उन्होंने कोर्ट नंबर 14 में जज मिनी गुप्ता के सामने सरेंडर कर दिया। सरेंडर के समय उन्होंने अपनी पहचान छिपाने के लिए दाढ़ी और मूंछें भी कटवा ली थीं। पुलिस ने उनके ऊपर 40 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
कोर्ट से गिरफ्तारी
कोर्ट से बाहर गिरफ्तारी: बाणगंगा थाना पुलिस ने कादरी को कोर्ट से बाहर आते ही गिरफ्तार कर लिया और आठ दिन की रिमांड प्राप्त की। पुलिस का कहना है कि उनसे और पूछताछ की जाएगी ताकि पूरे षड्यंत्र का खुलासा किया जा सके।
यौन शोषण के आरोप
यौन शोषण का आरोप: यह मामला तब सामने आया जब बाणगंगा थाने में दो हिंदू महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि साहिल शेख और अल्ताफ अली नाम के युवकों ने अपनी असली धार्मिक पहचान छिपाकर उनसे संबंध बनाए और बाद में यौन शोषण किया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि कांग्रेसी पार्षद अनवर कादरी ने उन्हें इस काम के लिए पैसे की मदद की थी।
साजिश का खुलासा
साजिश की शुरुआत: आरोप है कि कादरी ने साहिल शेख को 2 लाख और अल्ताफ अली को 1 लाख रुपये दिए ताकि वे हिंदू महिलाओं को प्रेमजाल में फंसाकर शादी करें और फिर उन्हें गलत कामों में धकेलें। पुलिस का कहना है कि कादरी इन युवकों से कई बार मुस्लिम समाज के कार्यक्रमों में मिले थे, जहां से उनकी साजिशें आगे बढ़ीं।
पुलिस की जांच जारी
पुलिस कर रही पूछताछ: इस मामले में कादरी की बेटी को भी पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। बाणगंगा पुलिस थाने में कादरी के खिलाफ दो अलग-अलग मामले दर्ज हैं। अब पुलिस रिमांड पर उनसे पूछताछ कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि और कौन-कौन लोग इस नेटवर्क में शामिल हैं।