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इंदौर में गंदे पानी से हुई मौतें: स्वच्छता के दावों की पोल

इंदौर, जो पिछले आठ वर्षों से भारत के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब रखता है, में हाल ही में गंदे पानी पीने से 15 लोगों की मौत हो गई। यह घटना 21वीं सदी में गंदे पानी के कारण होने वाली मौतों की गंभीरता को दर्शाती है। स्वास्थ्य विभाग ने चार मौतों की पुष्टि की है, लेकिन सवाल यह है कि क्या भारत में कोई ऐसा स्थान नहीं है, जहां बिना फिल्टर के साफ पानी उपलब्ध हो? जानें इस मुद्दे की गहराई और इंदौर के पानी की गुणवत्ता के बारे में।
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इंदौर में गंदे पानी से हुई मौतें: स्वच्छता के दावों की पोल

इंदौर में गंदे पानी का संकट

नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी सरकार के विकास के दावों के बावजूद, इंदौर, जो पिछले आठ वर्षों से देश के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब रखता है, में हाल ही में गंदा पानी पीने से 15 लोगों की जान चली गई। यह घटना 21वीं सदी में गंदे पानी के कारण होने वाली मौतों की एक कड़वी सच्चाई को उजागर करती है। मध्य प्रदेश के इंदौर में भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल के सेवन से ये मौतें हुईं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने केवल चार मौतों की पुष्टि की है। यह सवाल उठता है कि 21वीं सदी में भी साफ पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं क्यों उपलब्ध नहीं हैं। क्या भारत में कोई ऐसा स्थान नहीं है, जहां बिना किसी फिल्टर के सीधे नल से पीने का साफ पानी मिल सके? इसका उत्तर है, हां, ऐसा एक शहर है, जहां का पानी भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के सभी मानकों को पूरा करता है।