इंदौर में दूषित पानी से 14 मौतें, परिजनों ने मुआवजे से किया इनकार
दूषित पानी से बढ़ती मौतों का आंकड़ा
162 लोग अस्पताल में भर्ती, हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। अब तक 14 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 162 लोग विभिन्न अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। हाल ही में मृतक की पहचान अरविंद (43) के रूप में हुई है।
पिछले महीने 21 से 31 दिसंबर के बीच 13 लोगों की मौत हुई थी। गुरुवार को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भागीरथपुरा का दौरा किया और मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये के चेक दिए। हालांकि, परिजनों ने नाराजगी जताते हुए चेक लेने से मना कर दिया। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने सरकार से 2 जनवरी तक स्थिति रिपोर्ट मांगी है और सभी का मुफ्त इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग का सर्वे
7992 घरों का सर्वे, 2456 लोग संक्रमित
स्वास्थ्य विभाग ने भागीरथपुरा के 7992 घरों का सर्वेक्षण किया है, जिसमें 2456 लोग संक्रमित पाए गए हैं। 200 से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से लगभग 40 को छुट्टी मिल चुकी है।
मंत्री की अनसुनी
सत्ता के अहंकार में चूर मंत्री जी ने गाड़ी आगे बढ़ा ली
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने स्कूटर पर भागीरथपुरा का दौरा किया, जहां महिलाओं ने अपनी नाराजगी व्यक्त की। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें एक महिला कहती है कि पिछले दो साल से गंदा पानी आ रहा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा पार्षद को बार-बार समस्या के बारे में बताया गया, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। जीतू ने लिखा कि पूरा मोहल्ला बीमार है, लेकिन मंत्री ने उनकी बात नहीं सुनी।
जांच आयोग की मांग
कांग्रेस विधायक ने जांच आयोग बनाने की मांग की
रतलाम के पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने दूषित पानी से हुई मौतों की जांच के लिए आयोग बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इंदौर की घटना पेयजल पाइपलाइन में सीवर की गंदगी के मिलने के कारण हुई है। यह समस्या अन्य शहरों में भी हो रही है और यदि इसे नजरअंदाज किया गया, तो यह हर जगह दोहराई जा सकती है।
