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इंदौर में दूषित पानी से मौतों पर उमा भारती का तीखा हमला

इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने इस मुद्दे पर मोहन यादव सरकार को 'अक्षम्य पाप' करार दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जनता गंदा पानी पी रही थी, तब सरकार के लोग बिसलेरी का पानी क्यों पीते रहे। उमा भारती ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है और इसे पूरी व्यवस्था के लिए शर्मनाक बताया है।
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इंदौर में दूषित पानी से मौतों पर उमा भारती का तीखा हमला

राजनीतिक तूफान का कारण बनी दूषित पानी से हुई मौतें

नई दिल्ली। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल के कारण हुई मौतों ने एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। इस मुद्दे पर न केवल विपक्ष, बल्कि बीजेपी की प्रमुख नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने मोहन यादव सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है, इसे 'अक्षम्य पाप' करार देते हुए। उन्होंने कहा कि 2025 के अंत में इंदौर में गंदे पानी पीने से हुई मौतें हमारे प्रदेश, सरकार और संपूर्ण व्यवस्था को कलंकित कर गईं। प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब पाने वाले नगर में इतनी गंदगी और जहरीला पानी, जो कितनी जिंदगियों को निगल चुका है, यह बेहद शर्मनाक है।



‘बिसलेरी पीकर पद पर क्यों बैठे रहे?’



उमा भारती ने अपनी ही पार्टी की सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए इसे 'कलंक' बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे पापों का कोई स्पष्टीकरण नहीं होता, या तो प्रायश्चित होगा या फिर दंड। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जनता गंदा पानी पी रही थी और आपकी स्थिति ठीक नहीं थी, तो आप बिसलेरी का पानी पीते हुए पद पर क्यों बने रहे?


पद छोड़कर जनता के बीच क्यों नहीं पहुंचे?


पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसी की जिंदगी की कीमत 2 लाख रुपये नहीं होती। यह मोहन यादव के लिए परीक्षा की घड़ी है। उन्होंने कहा कि नीचे से ऊपर तक के सभी जिम्मेदार लोगों को अधिकतम दंड मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सबसे स्वच्छ शहर का खिताब पाने वाले नगर में जहरीला पानी मिलना पूरी व्यवस्था को शर्मिंदा करने वाला है।