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इजरायल-ईरान संघर्ष का असर: भारत में LPG आपूर्ति पर संकट

इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष का असर भारत में LPG आपूर्ति पर पड़ रहा है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव ने स्थिति को गंभीर बताया है, जबकि सरकार ने लोगों से संयम बरतने और वैकल्पिक ईंधन के विकल्पों पर विचार करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही, खाड़ी क्षेत्र में भारतीयों की सुरक्षा को लेकर भी सरकार सतर्क है। जानें इस संकट के पीछे की वजहें और सरकार के उठाए गए कदम।
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इजरायल-ईरान संघर्ष का असर: भारत में LPG आपूर्ति पर संकट

वैश्विक ऊर्जा संकट का प्रभाव

इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष को लगभग 20 दिन हो चुके हैं, और इसका प्रभाव वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। इस दौरान, होर्मूज स्ट्रेट से केवल 9 क्रूड ऑयल और गैस के जहाज गुजर पाए हैं, जिससे न केवल अंतरराष्ट्रीय बाजार, बल्कि भारत में भी एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है।


पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव का बयान

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव, सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में एलपीजी की स्थिति गंभीर बनी हुई है। सरकार लगातार आपूर्ति को सामान्य करने के प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस सिलेंडर की सप्लाई जारी है और इसे 100 प्रतिशत बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। पैनिक बुकिंग में कमी आई है, जिससे स्थिति में थोड़ी राहत मिली है। फिर भी, सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आवश्यकता के अनुसार गैस बुक करें, ताकि सभी को समान रूप से सप्लाई मिल सके।


वैकल्पिक ईंधन के सुझाव

स्थिति को देखते हुए, सरकार ने लोगों को वैकल्पिक ईंधन के विकल्पों पर विचार करने का सुझाव दिया है। अधिकारियों का मानना है कि संयम बरतने से सप्लाई सिस्टम पर दबाव कम होगा और संकट को बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा। कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं, और अब तक कई राज्यों में 4500 से अधिक छापेमारी की जा चुकी है, ताकि गैस की उपलब्धता आम लोगों तक सही तरीके से सुनिश्चित की जा सके।


एलपीजी उत्पादन में वृद्धि

इसके अलावा, देश में एलपीजी के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। वर्तमान में, उत्पादन लगभग 40 प्रतिशत तक हो रहा है, जिससे आयात पर निर्भरता कम करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनने में अभी समय लगेगा।


भारतीयों की सुरक्षा पर ध्यान

इस बीच, खाड़ी क्षेत्र में मौजूद भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सरकार सतर्क है। वहां मौजूद भारतीय जहाज और नाविक सुरक्षित बताए जा रहे हैं, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत कूटनीतिक स्तर पर सक्रिय है और कई देशों से बातचीत कर हालात को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की कोशिश कर रहा है।


मानवीय नुकसान की चिंता

हालांकि, इस संघर्ष ने मानवीय नुकसान भी पहुंचाया है। हाल ही में एक हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। इससे सरकार की चिंता और भी बढ़ गई है।