इजरायल और लेबनान के बीच 34 साल बाद वार्ता की संभावना
नई वार्ता की शुरुआत
नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जानकारी दी है कि इजरायल और लेबनान के बीच 34 वर्षों के बाद पहली बार बातचीत होने जा रही है। उन्होंने बताया कि उनका उद्देश्य दोनों देशों के बीच तनाव को कम करना और 'थोड़ी सांस लेने की जगह' बनाना है। ट्रंप के अनुसार, यह वार्ता शुक्रवार को होने की संभावना है, जिसे उन्होंने सकारात्मक संकेत के रूप में देखा है।
सीजफायर की उम्मीदें
ट्रंप की इस घोषणा के बाद इजरायल और लेबनान के बीच सीजफायर की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं। वर्तमान में दोनों देशों के बीच संघर्ष जारी है। इजरायली सेना लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले कर रही है, जबकि हिजबुल्लाह भी जवाबी रॉकेट हमले कर रहा है।
ईरान-अमेरिका सीजफायर का संदर्भ
ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर से अलग मामला
ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्तों से जारी सीजफायर के बावजूद इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष थम नहीं रहा है। ईरान ने पहले दिन ही इजरायल पर युद्धविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था और कहा था कि लेबनान भी इस सीजफायर का हिस्सा है। हालांकि, बाद में अमेरिका और ईरान दोनों ने स्पष्ट किया कि इजरायल-लेबनान का मुद्दा इस समझौते से अलग है।
महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम
लगातार जारी हमलों के बीच प्रस्तावित वार्ता को एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम माना जा रहा है। यदि यह बातचीत सफल होती है, तो क्षेत्र में तनाव कम होने और लंबे समय से चल रहे संघर्ष में राहत मिलने की उम्मीद की जा रही है।
