इजरायल का ईरान पर हमलों में वृद्धि का ऐलान
पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव
इजरायल के रक्षा मंत्री का बयान
28 फरवरी से अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले जारी हैं, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है। इस दौरान, इजरायल और अमेरिका ने ईरान की सैन्य शक्ति को कमजोर करने का प्रयास किया है, जबकि ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की है। ईरान ने उन देशों को भी निशाना बनाया है जहाँ अमेरिका के सैन्य ठिकाने हैं, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई है।
इजरायल के रक्षा मंत्री का आक्रामक रुख
इजरायल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने हाल ही में कहा कि इस सप्ताह ईरान के खिलाफ हमलों की तीव्रता बढ़ाई जाएगी। उन्होंने सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक में बताया कि इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) और अमेरिका की सेना द्वारा हमले और तेज होंगे। काट्ज ने कहा कि इन हमलों का मुख्य लक्ष्य ईरानी शासन और उसके बुनियादी ढांचे को नष्ट करना है।
उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी शासन के खिलाफ आक्रामक अभियान जारी रहेगा, जिसमें उसके कमांडरों को निशाना बनाना और उसकी रणनीतिक क्षमताओं को निष्क्रिय करना शामिल है। रक्षा मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि यह अभियान तब तक चलेगा जब तक इजरायल और क्षेत्र में अमेरिकी हितों के लिए सभी सुरक्षा खतरों को समाप्त नहीं किया जाता।
ईरान का जवाबी हमला
इस बीच, ब्रिटेन ने ईरान द्वारा हिंद महासागर में स्थित यूके-अमेरिका सैन्य अड्डे डिएगो गार्सिया पर हमले की निंदा की है। इस हमले से यह स्पष्ट होता है कि तेहरान की मिसाइल क्षमता पहले के अनुमान से अधिक है। इसके अलावा, ईरान के नतांज परमाणु संवर्धन केंद्र पर भी हवाई हमले की खबर आई है, जिसमें कोई रेडिएशन लीक नहीं हुआ। हालांकि, इजरायल ने इस हमले में अपनी संलिप्तता से इनकार किया है।
