Newzfatafatlogo

इटली की पीएम ने मोदी को दिया मेलोडी चॉकलेट का तोहफा, जानें पारले प्रोडक्ट्स का इतिहास

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भारत के पीएम नरेंद्र मोदी को मेलोडी चॉकलेट का तोहफा दिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस लेख में पारले प्रोडक्ट्स की स्थापना, विकास और वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी गई है। जानें कैसे मोहनलाल चौहान ने 1929 में इस कंपनी की नींव रखी और आज यह कैसे भारत के प्रमुख कन्फेक्शनरी ब्रांडों में से एक बन गई है।
 | 
इटली की पीएम ने मोदी को दिया मेलोडी चॉकलेट का तोहफा, जानें पारले प्रोडक्ट्स का इतिहास

वीडियो में दिखा खास पल

नई दिल्ली : इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। इस क्लिप में, पीएम मोदी ने मेज़बान पीएम को मेलोडी चॉकलेट का एक पैकेट भेंट किया है।


पारले प्रोडक्ट्स का परिचय

मेलोडी चॉकलेट का निर्माण पारले प्रोडक्ट्स द्वारा किया जाता है, जिसकी स्थापना 1929 में हुई थी। यह कंपनी मेलोडी के अलावा पारले-जी, क्रैकजैक और मोनेको जैसे प्रसिद्ध बिस्कुट भी बनाती है। पारले प्रोडक्ट्स की मूल कंपनी 'हाउस ऑफ पारले' थी, जिसे मोहनलाल दयाल चौहान ने शुरू किया था। प्रारंभ में, यह कंपनी मिठाइयाँ और कैंडी बनाती थी।


कंपनी की शुरुआत कैसे हुई?

मोहनलाल ने कन्फेक्शनरी बनाने की कला सीखने के लिए जर्मनी की यात्रा की। लौटने पर, उन्होंने आवश्यक मशीनरी 60,000 रुपये में आयात की। 1938 में, पारले ने अपना पहला बिस्किट पारले ग्लूको लॉन्च किया, जो बाद में पारले-जी के नाम से प्रसिद्ध हुआ।


पारले का विकास

1972 में, कंपनी ने क्रैकजैक और 1983 में चॉकलेटी मेलोडी का उत्पादन शुरू किया। 1996 में, हाइड एंड सीक चॉको चिप कुकी भी लॉन्च की गई। 2000 में, पारले ने 20-20 बटर कुकीज और मैजिक्स को पेश किया।


कंपनी का वर्तमान स्थिति

पारले प्रोडक्ट्स का प्रबंधन चौहान परिवार के विजय चौहान, शरद चौहान और राज चौहान करते हैं। 2025 में, कंपनी का राजस्व 8.5% की वृद्धि के साथ 15,568.49 करोड़ रुपये रहा। फोर्ब्स के अनुसार, विजय चौहान और उनके परिवार की कुल संपत्ति लगभग 8.6 अरब डॉलर है।