इबोला वायरस के बढ़ते मामलों पर भारत ने उठाए सख्त कदम
विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा इबोला वायरस को अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करने के बाद, भारत ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के माध्यम से सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यात्रियों के लिए 'सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म' भरना अनिवार्य किया गया है, और फ्लाइट में बीमार यात्रियों के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। जानें इन नए नियमों के बारे में और कैसे भारत ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित की है।
| May 25, 2026, 22:27 IST
विश्व स्वास्थ्य संगठन की चेतावनी
कांगो और युगांडा में इबोला वायरस के मामलों में वृद्धि को देखते हुए, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। इसके परिणामस्वरूप, भारत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने विमानन कंपनियों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। राहत की बात यह है कि भारत में अभी तक इबोला का कोई मामला नहीं आया है, लेकिन सरकार ने एहतियात बरतने का निर्णय लिया है।
यात्रियों के लिए अनिवार्य नियम
यात्रियों के लिए नियम: 'सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म' भरना जरूरी
- यदि कोई यात्री प्रभावित देशों से सीधे या किसी अन्य देश से होकर भारत आ रहा है, तो उसे उड़ान से पहले 'सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म' भरना होगा, जिसमें उसे अपनी स्वास्थ्य स्थिति की सही जानकारी देनी होगी।
- फ्लाइट के दौरान एयरहोस्टेस और क्रू मेंबर्स लगातार यह घोषणा करेंगे कि यदि किसी यात्री को बुखार, कमजोरी, बदन दर्द, सिरदर्द, गले में खराश, उल्टी, दस्त या ब्लीडिंग जैसी समस्याएं हैं, तो उसे तुरंत क्रू को या एयरपोर्ट पर उतरते ही मेडिकल टीम को सूचित करना चाहिए। भारत में आने के 21 दिनों के भीतर यदि ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर को बताना होगा।
- फ्लाइट के अंदर बीमार यात्रियों के लिए विशेष प्रबंध किए जाएंगे।
- यदि उड़ान के दौरान किसी यात्री में इबोला के लक्षण दिखाई देते हैं, तो एयरलाइंस को इन नियमों का पालन करना होगा।
- बीमार यात्री को फ्लाइट के पिछले हिस्से में बैठाया जाएगा।
- उसकी देखभाल के लिए केवल एक क्रू मेंबर को जिम्मेदारी दी जाएगी ताकि अन्य यात्री सुरक्षित रहें।
- बीमार यात्री के आगे, पीछे और बगल की तीन पंक्तियाँ खाली रखी जाएंगी।
- मरीज के लिए एक अलग टॉयलेट निर्धारित किया जाएगा। आस-पास बैठे यात्रियों को तीन लेयर वाले मास्क दिए जाएंगे।
- भारत में लैंड करते ही पूरे हवाई जहाज को अच्छी तरह से सैनिटाइज किया जाएगा।
बीमारी से निपटने के लिए प्रशिक्षण
बीमारी से निपटने के लिए ट्रेनिंग के निर्देश
DGCA ने सभी एयरलाइंस को निर्देशित किया है कि वे अपने क्रू मेंबर्स को इस बीमारी से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दें। इसके साथ ही, हर फ्लाइट में फर्स्ट-एड किट, पीपीई किट, मास्क, ग्लव्स, सैनिटाइजर और कचरा फेंकने के लिए बायो-हजार्ड बैग्स हमेशा तैयार रखने की आवश्यकता है।
