ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर्व की धूमधाम से मनाई गई
ईद-उल-अजहा का पर्व
- नमाज अता करके अल्ला से मांगी अमन चैन की दुआ
- एक दूसरे को गले मिलकर दी बधाई
ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर्व जींद। जिले में वीरवार को ईद उल अजहा (बकरीद) का पर्व श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर इस्लाम धर्म के अनुयायियों ने हांसी ब्रांच नहर के पास जामा मस्जिद ईदगाह में नमाज अता की और अल्ला ताला से बरकत तथा अमन चैन की दुआ मांगी। इस दिन मेले का आयोजन भी किया गया, जिसमें खिलौनों, मिठाइयों और चाट पकौड़ी की दुकाने सजाई गईं। नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने खरीददारी की और एक-दूसरे को ईद की बधाई दी। ईद-उल-जुहा (बकरीद) के पर्व के दौरान ईदगाह के पास पुलिस बल और खुफिया एजेंसियों ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी।
विश्व में अमन चैन की दुआ
हांसी ब्रांच नहर के पास ईदगाह, हजुर मस्जिद नरवाना में इमाम महोमद रफीक के नेतृत्व में ईद-उल-जुहा (बकरीद) पर नमाज अता करने के लिए इस्लाम धर्म के अनुयायी सुबह से ही जमा होने लगे थे। हजारों मुसलमानों ने नमाज अता की और सदका, फितरा, जकात जमा कराई, साथ ही गरीबों को दान दिया। जामा मस्जिद के इमाम ने मुस्लिम समुदाय को नमाज पढ़ाई और भाइचारे को मजबूत करने तथा विश्व शांति की दुआ मांगी। इस मौके पर उन्होंने कुरान की आयतें पढ़ीं। सभी ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद-उल-जुहा (बकरीद) की बधाई दी और सुखद भविष्य की कामना की।
जामा मस्जिद हथो में इमाम मुहम्मद याकिब ने अपने भाषण में हिंदू, मुस्लिम, सिख समाज के बीच भाईचारा बढ़ाने का संदेश दिया। ईद का त्योहार हमें भाईचारे का संदेश देता है, जिससे मिलजुलकर रहने की प्रेरणा मिलती है। इस अवसर पर मेले का आयोजन भी किया गया। नमाज अता करने के बाद मुस्लिम समुदाय ने जमकर खरीददारी की और एक-दूसरे को ईद की बधाई दी। नुर मस्जिद दनौदा कलां में इमाम अब्दुल रज्जाक ने बताया कि यह त्यौहार हजरत इब्राहिम और इस्माइल की याद में मनाया जाता है। यह त्यौहार आपसी भाईचारे का प्रतीक है। इसके बाद नमाज अदा की गई और सभी ने एक-दूसरे को ईद मुबारकबाद दी। देश में तरक्की और अमन चैन के लिए विशेष दुआ मांगी गई।
