ईरान-अमेरिका संघर्ष का असर: भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ीं
ईंधन की कीमतों में वृद्धि का प्रभाव
नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष का असर अब भारत में आम जनता पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। देश की प्रमुख निजी ईंधन कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि की घोषणा की है। इसका असर मुंबई, हैदराबाद सहित विभिन्न राज्यों में देखा जा रहा है।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में उछाल
नायरा एनर्जी ने पेट्रोल की कीमत में 5.30 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की है, जबकि डीजल की कीमत में 3 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ है। ईरान युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल परिवहन बाधित हो गया है, और दोनों देशों द्वारा ऊर्जा सुविधाओं पर हमलों के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति में रुकावट आई है।
पेट्रोल पंपों पर भीड़ और LPG संकट
ईंधन की कमी की अफवाहों के चलते कई राज्यों में लोग पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगा रहे हैं। विशेष रूप से असम के गुवाहाटी में भारी भीड़ देखी जा रही है। LPG (रसोई गैस) की कमी की खबरों के कारण डिपो और फिलिंग स्टेशनों के बाहर भीड़ बढ़ गई है। हालांकि, सरकार ने बार-बार कहा है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति सामान्य है।
हैदराबाद में सबसे महंगी कीमतें
टियर-1 शहरों में हैदराबाद अब सबसे महंगा शहर बन गया है, जहां पेट्रोल की कीमत 107.50 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। अन्य शहरों में कीमतें इस प्रकार हैं:
हैदराबाद: 107.50
कोलकाता: 105.41
मुंबई: 103.54
बेंगलुरु: 102.96
नई दिल्ली: 94.77
डीजल की कीमतें (रुपये प्रति लीटर)
हैदराबाद: 95.70
भुवनेश्वर: 92.77
चेन्नई: 92.39
नई दिल्ली: 87.67
ओवैसी का सरकार पर हमला
AIMIM प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि सरकार इस संकट को संभालने में असफल रही है क्योंकि उसने पर्याप्त रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार नहीं बनाए। ओवैसी ने चेतावनी दी कि विधानसभा चुनावों के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ईंधन और उर्वरकों की कमी का बोझ आम जनता पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि युद्ध लंबा चलता है, तो ईंधन की कीमतें और बढ़ सकती हैं, जिससे आम लोगों को वाहन चलाने और रसोई के खर्च में अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ेगा।
