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ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत की संभावना, ट्रंप का नया बयान

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की कमजोर स्थिति का दावा किया है। उन्होंने ईरान से नाकेबंदी हटाने की मांग की है, जबकि विशेषज्ञ इसे दबाव बनाने की रणनीति मानते हैं। इस बीच, लेबनान में इज़राइल के हवाई हमलों से स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या बातचीत की संभावना है।
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ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत की संभावना, ट्रंप का नया बयान

बढ़ते तनाव के बीच बातचीत की ओर कदम

नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब बातचीत की संभावना नजर आ रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान एक कमजोर स्थिति में है और उसने वॉशिंगटन से अपने बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी को हटाने की मांग की है। हालांकि, इस संबंध में उन्होंने कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि ईरान के नेतृत्व में आंतरिक मतभेद हैं, जिससे यह स्पष्ट नहीं है कि वहां अंतिम निर्णय कौन ले रहा है।


विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान ईरान पर दबाव बनाने की एक रणनीति हो सकती है, जिससे उसे अमेरिकी शर्तों पर बातचीत के लिए मजबूर किया जा सके। ट्रंप ने कहा कि ईरान लंबे समय से होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की मांग कर रहा है, लेकिन अमेरिका के लिए सबसे बड़ी चिंता ईरान का परमाणु कार्यक्रम है। सूत्रों के अनुसार, ईरान ने हाल ही में एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें पहले होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और बाद में परमाणु मुद्दे पर चर्चा करने की बात कही गई है। इस प्रस्ताव पर अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम विचार कर चुकी है।


दूसरी ओर, लेबनान के दक्षिणी हिस्से में स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। युद्धविराम के बावजूद, इज़राइल की ओर से लगातार हवाई हमले किए जा रहे हैं। कुछ हमले उन क्षेत्रों में भी हुए हैं, जिन्हें इज़राइल 'येलो लाइन' कहता है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, एक हमले में पांच लोगों की मौत हुई है, जिनमें तीन सिविल डिफेंस कर्मचारी शामिल हैं, जबकि लेबनानी सेना के दो जवान घायल हुए हैं। लेबनान के प्रधानमंत्री ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे युद्ध अपराध करार दिया है。