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ईरान और अमेरिका के बीच संभावित सीजफायर पर चर्चा, होर्मुज स्ट्रेट खोलने की योजना

मध्य पूर्व में तनाव के बीच, ईरान और अमेरिका के बीच संभावित सीजफायर पर चर्चा चल रही है। पाकिस्तान ने तनाव कम करने के लिए एक योजना तैयार की है, जिसमें 45 दिन के युद्धविराम और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की संभावना शामिल है। ईरान ने स्थायी सीजफायर के लिए कुछ शर्तें रखी हैं। यदि यह समझौता सफल होता है, तो इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार को राहत मिल सकती है।
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ईरान और अमेरिका के बीच संभावित सीजफायर पर चर्चा, होर्मुज स्ट्रेट खोलने की योजना

कूटनीतिक प्रयासों में नई उम्मीद

नई दिल्ली - मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के बीच, कूटनीतिक स्तर पर राहत की संभावनाएं उभर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच संभावित सीजफायर के लिए एक ढांचा तैयार किया गया है, जिसे जल्द ही लागू किया जा सकता है। इस प्रस्ताव में होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की संभावना भी शामिल है।


पाकिस्तान की भूमिका

पाकिस्तान ने तैयार किया फ्रेमवर्क
सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान ने तनाव कम करने के लिए एक "टू-लेयर अप्रोच" योजना बनाई है। इसमें तत्काल सीजफायर और उसके बाद एक व्यापक समझौते की रूपरेखा शामिल है। यह ड्राफ्ट इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से साझा किया गया है, जिसे औपचारिक सहमति पत्र (MoU) के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।


सीजफायर पर चर्चा

45 दिन के युद्धविराम की संभावना
Axios की रिपोर्ट के अनुसार, 45 दिन के संभावित सीजफायर पर बातचीत चल रही है। यह अस्थायी युद्धविराम स्थायी शांति समझौते की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति और ईरान के विदेश मंत्री के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा है। प्रस्ताव के अनुसार, सीजफायर तुरंत लागू होगा, होर्मुज स्ट्रेट खोला जाएगा, और 15-20 दिनों के भीतर बड़े समझौते को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस संभावित समझौते को अस्थायी रूप से "इस्लामाबाद अकॉर्ड" नाम दिया गया है।


ईरान की शर्तें

ईरान की शर्तें
सूत्रों के अनुसार, ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह स्थायी सीजफायर तभी स्वीकार करेगा जब उसे यह गारंटी दी जाए कि इज़रायल और अमेरिका भविष्य में उस पर हमला नहीं करेंगे। इसके अलावा, प्रतिबंधों में राहत और फ्रीज किए गए एसेट्स की रिहाई जैसे मुद्दे भी बातचीत में शामिल हैं। हालांकि, ईरान की ओर से इस प्रस्ताव पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आई है। अमेरिका और अन्य देशों की तरफ से भी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।


वैश्विक प्रभाव

वैश्विक असर पर टिकी निगाहें
यह कूटनीतिक पहल ऐसे समय में हो रही है जब होर्मुज स्ट्रेट के माध्यम से तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका से वैश्विक बाजारों में चिंता बनी हुई है। यदि यह समझौता सफल होता है, तो इससे न केवल क्षेत्रीय तनाव कम होगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार को भी बड़ी राहत मिल सकती है।