ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर: नई शर्तें और जुर्माना
सीजफायर की घोषणा
तेहरान: ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्तों का सीजफायर लागू हो गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने की शर्तों पर ईरान पर हमले न करने का ऐलान किया है। ट्रंप ने बताया कि ईरान ने उन्हें 10 सूत्रीय प्रस्ताव भेजा है, जिस पर विचार चल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें लगता है कि चीन ने ईरान को बातचीत के लिए राजी किया है। इससे पहले, ट्रंप ने पाकिस्तान का धन्यवाद किया था कि उसने ईरान को सीजफायर के लिए मनाने में मदद की।
ईरान की शर्तें
ईरान ने युद्ध विराम की एक महत्वपूर्ण शर्त रखी है, जिसके अनुसार, युद्ध विराम के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी जहाजों पर 20 लाख अमेरिकी डॉलर तक का जुर्माना लगाया जाएगा। ईरान का कहना है कि ट्रंप ने उनकी 10 शर्तों को मान लिया है। यदि अब उन पर हमला नहीं होता है, तो उनकी सेना दो हफ्तों तक सीजफायर का पालन करेगी। इस बीच, ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने तुरंत हमले रोकने का आदेश दिया है।
ईरान का बयान
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ट्रंप के सीजफायर की घोषणा के बाद एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान ने ट्रंप द्वारा उनकी 10 शर्तों को मानने पर सहमति जताई है। अराघची ने एक पोस्ट में कहा, "मैं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शरीफ और फील्ड मार्शल मुनीर का इस क्षेत्र में युद्ध समाप्त करने के लिए उनके प्रयासों के लिए धन्यवाद देता हूं। यदि ईरान पर हमले रोके जाते हैं, तो हमारी सशस्त्र सेनाएं अपनी रक्षात्मक कार्रवाइयां बंद कर देंगी।"
