ईरान और हूती विद्रोहियों का इजरायल पर हमला: क्लस्टर मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल
मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव
तेहरान/तेल अवीव: मध्य पूर्व में तनाव के चलते, ईरान और यमन के हूती विद्रोहियों ने इजरायल पर हमले का दावा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, हूती विद्रोहियों ने इजरायल के Ben Gurion Airport और दक्षिणी इजरायल के कुछ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
हूती विद्रोहियों का कहना है कि इस हमले में क्लस्टर मिसाइलों और ड्रोन का उपयोग किया गया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।
इस बीच, ईरानी सेना ने भी एक व्यापक ड्रोन अभियान की घोषणा की है, जिसमें उसने इजरायली विमानन केंद्र के भीतर कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, यह ऑपरेशन बड़े पैमाने पर किया गया।
रिपोर्टों के अनुसार, निशाने पर लिए गए ठिकानों में एक नियंत्रण टावर, टर्मिनल 1 और 2 से जुड़े प्रमुख संचालन केंद्र, नेविगेशन सिस्टम, एंटेना और रडार उपकरण शामिल हैं।
ईरानी सैन्य कमान के अनुसार, यह अभियान शनिवार तड़के शुरू हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। इसका उद्देश्य सैन्य हवाई यातायात से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक कमांड और समन्वय ढांचे को नुकसान पहुंचाना बताया गया है।
ईरानी सेना ने यह भी कहा कि इस कार्रवाई का मकसद लड़ाकू विमानों की मार्गदर्शन प्रणालियों को बाधित करना और विरोधी पक्ष की निगरानी एवं इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमताओं को कमजोर करना था।
ईरान ने इस सैन्य कार्रवाई को अमेरिका और इजरायल की कथित आक्रामक गतिविधियों के जवाब में बताया है। इसके साथ ही, सेना ने हालिया हमलों में मारे गए लोगों का बदला लेने की बात दोहराते हुए चेतावनी दी है कि उसके अभियान आगे भी जारी रह सकते हैं।
