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ईरान का अमेरिका के ई-3 सेंट्री विमान पर हमला, 15 सैनिक घायल

ईरान ने अमेरिका के ई-3 सेंट्री विमान पर एक बड़ा हमला किया है, जिसमें 15 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं। यह हमला सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर हुआ। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी सैनिक जमीन पर उतरते हैं, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। जानें इस हमले के पीछे की कहानी और अमेरिका की प्रतिक्रिया।
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ईरान का अमेरिका के ई-3 सेंट्री विमान पर हमला, 15 सैनिक घायल

ईरान का बड़ा हमला

नई दिल्ली। ईरान ने अमेरिका की सैन्य शक्ति को एक गंभीर झटका देते हुए बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले में एक ई-3 सेंट्री विमान को नष्ट कर दिया है। यह विमान, जो एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम के तहत आता है, सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर तैनात था। इस हमले में अमेरिका के 15 सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें से पांच की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।


अवाक्स विमान की भूमिका

अवाक्स विमान अमेरिका की महत्वपूर्ण सैन्य ताकतों में से एक है। यह उन्नत रडार तकनीक का उपयोग करके सैकड़ों किलोमीटर दूर तक विमानों और मिसाइलों की निगरानी करता है, जिससे सेना को वास्तविक समय में जानकारी मिलती है। यह हमला शनिवार को हुआ, जिसमें कई ईंधन भरने वाले विमानों को भी नुकसान पहुंचा। ईरान का यह हमला अमेरिका के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।


अमेरिकी विमानों की कमी

एक रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध के पहले अमेरिका के पास केवल 16 ऑपरेशनल ई-3 सेंट्री विमान बचे हैं। अमेरिकी मीडिया ने बताया है कि इन विमानों का कोई तात्कालिक विकल्प उपलब्ध नहीं है। संभावित विकल्प के रूप में ई-7 वेजटेल का नाम लिया गया है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 5800 करोड़ रुपए है। इस बीच, युद्ध के 30 दिन बाद भी ईरान के हमले जारी हैं।


इजराइल और सीरिया में हमले

ईरान के ताजा बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद इजराइल के दक्षिणी क्षेत्र में एक औद्योगिक क्षेत्र में आग लग गई। यह घटना बेरशेबा के पास नियोट होवाव इंडस्ट्रियल जोन में हुई। इसके अलावा, ईरान ने सीरिया के हसाका क्षेत्र में अमेरिकी बेस के पास ड्रोन से हमला किया, जिसमें एक गेहूं गोदाम नष्ट हो गया। ईरान ने जॉर्डन में भी अमेरिकी सेना के एक एयरबेस को निशाना बनाया है।


ईरान की चेतावनी

ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी सैनिक जमीन पर उतरते हैं, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि उनकी सेना अमेरिकी सैनिकों के आने का इंतजार कर रही है और उन्हें कड़ा जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि मध्य पूर्व में 2500 अमेरिकी मरीन की तैनाती से तनाव बढ़ गया है।