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ईरान का अमेरिकी ठिकानों पर हमला: बहरीन से कतर तक की स्थिति

ईरान ने अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के जवाब में कई देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया है। बहरीन में अमेरिकी नौसेना के मुख्यालय को निशाना बनाया गया, जबकि कतर और दुबई में भी धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। ईरान ने अपने हमले को 'खतरनाक और सटीक' बताया है। अमेरिका ने पहले ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर दबाव बनाने के लिए क्षेत्र में सैन्य तैनाती की थी। इस स्थिति ने मध्य-पूर्व में अस्थिरता की आशंका को बढ़ा दिया है।
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ईरान का अमेरिकी ठिकानों पर हमला: बहरीन से कतर तक की स्थिति

ईरान की जवाबी कार्रवाई

तेहरान - इजरायल और अमेरिका की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के जवाब में, ईरान ने एक बड़ा हमला किया है। शनिवार दोपहर, ईरान ने कम से कम आठ देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें बहरीन का नेवल बेस, कतर, यूएई, सऊदी अरब, इजरायल, कुवैत और दुबई शामिल हैं। बहरीन ने पुष्टि की है कि अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय को मिसाइलों से निशाना बनाया गया है।


खाड़ी देशों में धमाकों की गूंज

कतर की राजधानी में भी तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अबू धाबी और दुबई में भी विस्फोटों की गूंज सुनाई दी। प्रारंभिक रिपोर्टों में बड़े नुकसान या हताहतों की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर रख रही हैं। ईरान ने दावा किया है कि उसने “खतरनाक और सटीक मार करने वाली मिसाइलों” से अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। मध्य-पूर्व के कई देशों में अमेरिका के सैन्य अड्डे हैं, जहां बड़ी संख्या में सैनिक, फाइटर जेट और उन्नत हथियार तैनात हैं।


अमेरिका-इजरायल का हमला

इससे पहले, अमेरिका और इजरायल ने ईरान के कई ठिकानों पर व्यापक हमला किया था। अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक वीडियो संदेश में ईरानी नागरिकों से अपनी सरकार के खिलाफ खड़े होने की अपील की थी। रिपोर्टों के अनुसार, शुरुआती हमलों में तेहरान के डाउनटाउन क्षेत्र में ईरान के सर्वोच्च नेता के आवासीय परिसर को भी निशाना बनाया गया। हालांकि, उस समय उनके वहां मौजूद होने की पुष्टि नहीं हो सकी। हमलों के बाद, राजधानी तेहरान से धुएं के गुबार उठते देखे गए।


ईरान की सैन्य प्रतिक्रिया

ईरान की पैरामिलिट्री फोर्स ने बयान जारी कर कहा कि उसने इजरायल की ओर ड्रोन और मिसाइलों की पहली लहर दागकर जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस बीच, यमन में ईरान समर्थित हौथी आंदोलन ने भी रेड सी शिपिंग रूट और इजरायल के खिलाफ हमले दोबारा शुरू करने की चेतावनी दी है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।


परमाणु कार्यक्रम का टकराव

राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा कि अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर दबाव बनाने के लिए पहले ही क्षेत्र में लड़ाकू विमानों और युद्धपोतों की बड़ी तैनाती कर दी थी। उनका दावा है कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।


मध्य-पूर्व में अस्थिरता की आशंका

तेजी से बदलते हालात के बीच पूरे मध्य-पूर्व में अस्थिरता की आशंका बढ़ गई है। वैश्विक बाजारों और तेल आपूर्ति पर भी इस टकराव का असर पड़ सकता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील कर रहा है।