ईरान का नया कदम: होर्मुज जलडमरूमध्य में टोल टैक्स हटाया, सुरक्षा शुल्क वसूलेगा
ईरान का नया रणनीति
तेहरान: अमेरिका के साथ हुए अंतरिम समझौते के तहत, ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों से टोल वसूलने की अनुमति नहीं है। इस समझौते के अनुसार, ईरान अब इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर किसी भी प्रकार का टोल टैक्स नहीं ले सकता। हालांकि, इस प्रतिबंध के बावजूद, ईरान ने एक नई रणनीति अपनाई है। ईरान का कहना है कि वह समझौते का पालन करते हुए होर्मुज में कोई 'टोल टैक्स' नहीं लेगा, लेकिन जहाजों की 'सुरक्षा' और 'पर्यावरण सेवा' के नाम पर शुल्क वसूला जाएगा। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने सोमवार को इस नई योजना का खुलासा किया, जिससे पश्चिमी देशों की चिंताएं और बढ़ गई हैं।
पर्यावरण और सुरक्षा शुल्क
'टोल टैक्स' का नाम पश्चिमी मीडिया का है
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बाघेई ने कहा कि टोल टैक्स के नाम पर ईरान को जानबूझकर बदनाम किया जा रहा है और यह पूरी तरह से पश्चिमी मीडिया का एक शब्द है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समझौते के बाद होर्मुज को सभी देशों के लिए पूरी तरह से खोला जाएगा, लेकिन जहाजों को दी जाने वाली सुरक्षा और समुद्री पर्यावरण की देखभाल के लिए सेवा शुल्क लिया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि पर्यावरण को स्वच्छ रखना सभी की जिम्मेदारी है। इसके लिए ईरान और ओमान मिलकर होर्मुज पर एक नया प्रोटोकॉल जारी करेंगे, जिससे यह स्पष्ट होगा कि जहाजों से कितनी राशि वसूली जाएगी।
अमेरिका के साथ तनाव और टोल व्यवस्था
अमेरिका से जंग के बाद लागू हुआ था टोल
यह ध्यान देने योग्य है कि 28 फरवरी 2026 तक होर्मुज के रास्ते गुजरने वाले जहाजों को कोई टोल नहीं देना होगा। लेकिन अमेरिका के साथ तनाव और युद्ध जैसे हालात के कारण, ईरान ने इस मार्ग पर सख्त टोल व्यवस्था लागू की थी। इसके तहत जहाजों की सुरक्षा के नाम पर 10-10 लाख रुपये वसूले गए। हालांकि, इस दौरान कूटनीतिक संबंधों के चलते भारत, पाकिस्तान और चीन के जहाजों को इस टोल से पूरी तरह मुक्त रखा गया था। ईरान ने टोल वसूली को सुव्यवस्थित करने के लिए इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के अधीन एक अलग मंत्रालय स्थापित किया था, जिसके जवान इस क्षेत्र की सुरक्षा कर रहे हैं।
वैश्विक तेल व्यापार का केंद्र
दुनिया के तेल व्यापार का केंद्र और अंतरिम समझौता
होर्मुज फारस की खाड़ी का मुख्य प्रवेश द्वार है, जहां से जहाज ओमान की खाड़ी में प्रवेश करते हैं। इस मार्ग से दुनिया भर में 20 प्रतिशत तेल की सप्लाई होती है, और सऊदी अरब, यूएई, कतर और इराक जैसे देश यहीं से अपना तेल और गैस बेचते हैं। हाल ही में, ईरान और अमेरिका के बीच एक अंतरिम परमाणु समझौते पर सहमति बनी है। इस समझौते की शर्तों में ईरान द्वारा होर्मुज को पूरी तरह से खोलना और परमाणु हथियार न बनाने का वादा शामिल है। इसके बदले में, अमेरिका ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों में ढील देगा, उसे विश्व बाजार में तेल बेचने की अनुमति देगा और जब्त किए गए करोड़ों डॉलर के फंड भी वापस लौटाएगा।
