ईरान का भारत को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सुरक्षित मार्ग देने का संकेत
ईरान का महत्वपूर्ण प्रस्ताव
नई दिल्ली। पर्शियन गल्फ में बढ़ते तनाव और समुद्री सुरक्षा की चिंताओं के बीच, ईरान ने भारत के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत दिया है। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने बताया कि ईरान भारत को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित समुद्री मार्ग प्रदान करने की दिशा में कदम उठा सकता है।
इजरायल और अमेरिका के हमलों के बाद, ईरान ने जो प्रतिक्रियाएं दी हैं, उनमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने का निर्णय भी शामिल है। इस जलमार्ग के बंद होने से वैश्विक सप्लाई चेन पर गंभीर प्रभाव पड़ा है, जिससे भारत के जहाज भी समुद्र में फंसे हुए हैं। हालांकि, ईरान ने अमेरिका के हमलों की आलोचना करने वाले रूस और चीन जैसे देशों के जहाजों को छूट दी है, जिससे क्षेत्र में छद्म बेड़े के लिए एक रास्ता खुल गया है। चीन के झंडे वाले कई जहाज इस मार्ग से तेजी से गुजर रहे हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान में युद्ध की स्थिति में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में छद्म बेड़े का चलन बढ़ गया है। विशेष रूप से, कई जहाज चीन के झंडे का उपयोग कर रहे हैं। इन जहाजों की मालिकाना हक की अस्पष्टता, बीमा कवर की कमी, अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सामान का ट्रांसफर, गलत लोकेशन डेटा और कम निगरानी वाले देशों के झंडों के साथ ये छद्म बेड़े काम कर रहे हैं। आइए जानते हैं कि कैसे ये जहाज लोकेशन जाटा और नकली झंडों का उपयोग करते हैं।
