ईरान की इंटरनेट केबल्स को लेकर अमेरिका को चेतावनी
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव
तेहरान - ईरान और अमेरिका के बीच एक अस्थायी संघर्षविराम जारी है। समुद्र के नीचे बिछी केबल्स के भविष्य को लेकर कई देशों में चिंता बढ़ रही है। इस चिंता का एक कारण आईआरजीसी द्वारा दी गई धमकी है, जो अप्रैल में सामने आई थी। हाल ही में, ईरानी सांसद महमूद नबावियन ने कहा कि यदि ईरान के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई, तो वे समुद्र के नीचे से गुजरने वाली केबल्स को काटने के लिए मजबूर हो सकते हैं।
ईरान की चेतावनी
ईरान ने अब तक समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल्स को नुकसान नहीं पहुँचाया है, लेकिन उसने ऐसी कार्रवाई की चेतावनी दी है। यह चेतावनी विशेष रूप से फारस की खाड़ी और होर्मुज से गुजरने वाली फाइबर-ऑप्टिक केबल्स के संदर्भ में दी गई है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने अमेरिका और पश्चिमी देशों के बढ़ते दबाव के जवाब में यह बयान जारी किया था।
वैश्विक इंटरनेट सेवाओं पर प्रभाव
नबावियन ने एक्स पर चेतावनी दी कि यदि अमेरिका-इजरायल होर्मुज में ईरान की संप्रभुता के खिलाफ कोई भी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई करते हैं, तो इससे वैश्विक संकट उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने कहा, “ईरान की संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।” यदि इन केबल्स को नुकसान पहुँचता है, तो मध्य-पूर्व के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं और बैंकिंग सिस्टम प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इसका वैश्विक असर सीमित रहेगा।
तकनीकी चुनौतियाँ
विशेषज्ञों का कहना है कि समुद्र की गहराई में मौजूद इन केबल्स को काटना आसान नहीं है। ऐसा कदम ईरान के लिए भी आर्थिक और रणनीतिक नुकसान का कारण बन सकता है।
