ईरान की घेराबंदी रोकने का लक्ष्य: मार्को रूबियो का बयान
अमेरिकी विदेश मंत्री का महत्वपूर्ण बयान
मार्को रूबियो का बयान
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने हाल ही में ईरान के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में आपराधिक गतिविधियों में लिप्त है। रूबियो ने आरोप लगाया कि ईरान बिना किसी कारण के जहाजों पर हमले कर रहा है और गोलियां चला रहा है।
इन जहाजों और संबंधित देशों का इस विवाद से कोई संबंध नहीं है, फिर भी उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। इस संदर्भ में, राष्ट्रपति ट्रंप ने 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य फारस की खाड़ी में फंसे 87 देशों के लगभग 23,000 नागरिकों को सुरक्षित निकालना है। रूबियो ने कहा कि ईरानी शासन ने इन निर्दोष लोगों को बंधक बना रखा है।
अमेरिका की मदद की मांग
रूबियो ने बताया कि कई देशों ने अमेरिका से मदद मांगी है, ताकि उनके जहाजों को आजाद कराया जा सके और समुद्री मार्ग पर आवाजाही फिर से शुरू हो सके। राष्ट्रपति ट्रंप ने इन अपीलों को स्वीकार करते हुए अमेरिकी सेना को निर्देश दिया है कि वे फंसे हुए जहाजों को सुरक्षित मार्ग दिखाएं। रूबियो ने इसे होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की दिशा में पहला कदम बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की आर्थिक आगजनी को समाप्त किया जाएगा।
ईरान की मर्जी नहीं चलेगी
रूबियो ने स्पष्ट किया कि ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर अपनी मर्जी चलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने ईरान की कार्रवाई को आपराधिक कृत्य करार दिया और कहा कि कोई भी देश अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों को नियंत्रित नहीं कर सकता। 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' के प्रारंभिक चरणों में अमेरिकी झंडे वाले व्यापारिक जहाज सफलतापूर्वक इस मार्ग से गुजर चुके हैं। अब अमेरिकी सेना इस सुरक्षा घेरे को और बढ़ा रही है ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था को बंधक बनने से बचाया जा सके।
