ईरान की नई कूटनीतिक पहल: खाड़ी देशों से बातचीत का प्रस्ताव
ईरान की कूटनीतिक पहल
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के 36वें दिन, ईरान ने खाड़ी देशों के साथ सीधी बातचीत का प्रस्ताव पेश किया है। यह कदम अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद उठाया गया है, जब से ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और नागरिक संरचनाओं पर हमले किए हैं। यह पहली बार है जब ईरान ने इन देशों के साथ कूटनीतिक वार्ता का प्रस्ताव रखा है।
गालिबाफ का बयान
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने पड़ोसी देशों के साथ कूटनीतिक वार्ता की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि क्षेत्र की सुरक्षा के लिए सहयोग आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान इस संघर्ष के लिए पूरी तरह तैयार है और अपनी रक्षा क्षमताओं को साबित कर चुका है। गालिबाफ ने आरोप लगाया कि वर्तमान युद्ध का कारण इजराइल है, जिसका प्रभाव पूरे क्षेत्र और विश्व पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि ईरान ने अपनी सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है।
अमेरिका के खिलाफ चेतावनी
गालिबाफ ने चेतावनी दी कि यदि तनाव बढ़ता है, तो अमेरिका के हितों पर 'निर्णायक और व्यापक' हमला किया जाएगा। इसी बीच, खबरें आ रही हैं कि ईरान से दक्षिणी इराक को गैस सप्लाई पूरी तरह से बंद हो गई है। इराक के बिजली मंत्रालय के अनुसार, गैस सप्लाई रुकने से इराक की बिजली उत्पादन प्रणाली पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि दक्षिणी इराक में बिजली उत्पादन के लिए ईरानी गैस पर काफी निर्भरता है। हालांकि, सप्लाई बंद होने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है।
