ईरान की पुलों को उड़ाने की धमकी: मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा
मध्य पूर्व के महत्वपूर्ण पुलों पर ईरान की चेतावनी
ईरान ने मध्य पूर्व में आठ प्रमुख पुलों को नष्ट करने की धमकी दी है, जो कई देशों के लिए कनेक्टिविटी और परिवहन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ईरान ने इन पुलों की एक सूची भी जारी की है, जिसमें कुवैत, यूएई, सऊदी अरब और जॉर्डन के महत्वपूर्ण पुल शामिल हैं। इनमें शेख जाबेर अल-अहमद समुद्री पुल (कुवैत), शेख जायद ब्रिज, अल मकता ब्रिज, शेख खलीफा ब्रिज (यूएई), किंग फहद कॉजवे (सऊदी अरब-बहरीन) और जॉर्डन के किंग हुसैन, डामिया और अबदून ब्रिज शामिल हैं।
अमेरिका और इजराइल का हमला
गुरुवार को अमेरिका और इजराइल ने ईरान के करज शहर में बी1 ब्रिज पर दो बार हमला किया, जिसमें दो लोगों की जान चली गई और पुल पूरी तरह से नष्ट हो गया। यह पुल इस वर्ष शुरू हुआ था और इसे मध्य पूर्व का सबसे ऊँचा पुल माना जाता था। इसकी लंबाई लगभग 1050 मीटर और ऊँचाई 136 मीटर थी, और इसे बनाने में लगभग 400 मिलियन डॉलर (लगभग 3,800 करोड़ रुपये) खर्च हुए थे।
होर्मुज स्ट्रेट पर अंतरराष्ट्रीय बैठक
ब्रिटेन की पहल पर होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए एक ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई, जिसमें 60 से अधिक देशों ने भाग लिया। भारत की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने इस बैठक में भाग लिया। उन्होंने बताया कि होर्मुज संकट में अब तक केवल भारतीय नागरिकों की ही जान गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस संकट में अब तक तीन भारतीय नाविक मारे गए हैं, जो विदेशी जहाजों पर कार्यरत थे।
लेबनान में इजराइली हमलों का प्रभाव
इजराइल के हमलों ने लेबनान के स्वास्थ्य प्रणाली को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। रिपोर्टों के अनुसार, पिछले एक महीने में लेबनान में 53 मेडिकल स्टाफ की मौत हो गई, 87 एंबुलेंस और मेडिकल सेंटर नष्ट हो गए, और 5 अस्पताल बंद करने पड़े। डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स का कहना है कि लगातार हमलों के कारण लोगों को चिकित्सा सेवाएं प्रदान करना मुश्किल हो गया है।
