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ईरान की सेना का बड़ा ऐलान: पूर्ण विजय तक जारी रहेगा संघर्ष

तेहरान में ईरान की सैन्य कमान ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है कि उनकी सेनाएं 'पूर्ण विजय' तक संघर्ष जारी रखेंगी। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के शांति वार्ता के दावों के जवाब में आया है। ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी सीधी बातचीत से इनकार किया है। जनरल अलीबादी ने कहा कि ईरान की सेनाएं दुश्मनों के खिलाफ मजबूती से खड़ी हैं। इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भी अपने आक्रामक रुख को बनाए रखा है। जानें इस तनावपूर्ण स्थिति के बारे में और अधिक।
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ईरान की सेना का बड़ा ऐलान: पूर्ण विजय तक जारी रहेगा संघर्ष

तेहरान में ईरान की सैन्य कमान का ऐलान

तेहरान: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच, ईरान की शीर्ष सैन्य कमान ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। ईरानी सेना ने स्पष्ट किया है कि उनकी सशस्त्र बल 'पूर्ण विजय' प्राप्त करने तक पीछे नहीं हटेंगे और यह संघर्ष जारी रहेगा। खातम-अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही अलीबादी ने कहा कि ईरान की शक्तिशाली सेनाएं देश की अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह से दृढ़ और विजयी हैं। यह बयान उस समय आया है जब पूरे मध्य पूर्व में युद्ध की स्थिति गंभीर होती जा रही है और हमले बढ़ते जा रहे हैं।


ट्रंप के शांति वार्ता के दावों का खंडन

जनरल अलीबादी की यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया घोषणा के संदर्भ में आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच शांति वार्ता चल रही है। ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की सीधी बातचीत से इनकार किया है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कलिबफ ने ट्रंप के दावों को झूठा बताते हुए कहा कि ऐसी खबरें केवल वित्तीय और तेल बाजारों में हेरफेर करने के लिए फैलाई जा रही हैं। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने यह भी बताया कि वे युद्ध की स्थिति पर कई क्षेत्रीय देशों के साथ संपर्क में हैं।


पूर्ण विजय की घोषणा से वैश्विक हलचल

ईरानी सरकारी टेलीविजन पर जनरल अलीबादी ने कहा कि हमारी सेनाएं दुश्मनों के खिलाफ मजबूती से खड़ी हैं और जब तक 'पूर्ण विजय' नहीं मिल जाती, तब तक हम पीछे नहीं हटेंगे। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट नहीं किया कि इस विजय का वास्तविक पैमाना क्या है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह अमेरिका और इजरायल के लिए एक सीधी चेतावनी है कि ईरान किसी भी दबाव में झुकने वाला नहीं है। कूटनीतिक स्तर पर भी ईरान अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है।


इजरायल के आक्रामक रुख और खाड़ी देशों में दहशत

जब ईरान युद्ध को रोकने के लिए तैयार नहीं है, वहीं इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी अपने आक्रामक रुख को बनाए रखा है। नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका द्वारा युद्धविराम पर विचार किए जाने के बावजूद, इजराइल का ईरान और लेबनान पर हमला जारी रहेगा। जमीनी हालात बेहद गंभीर हो चुके हैं। ईरान ने इजराइल और पड़ोसी खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिसके जवाब में इजराइल ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर बमबारी की है, जिसमें कई लोग मारे गए हैं। इस युद्ध की आग अब कुवैत, बहरीन और सऊदी अरब तक फैल चुकी है, जिससे पूरे अरब प्रायद्वीप में दहशत का माहौल है।