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ईरान के खिलाफ अमेरिका का सैन्य अभियान: ट्रंप का बड़ा बयान

अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे सैन्य हमलों का आज 22वां दिन है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि बातचीत संभव है, लेकिन युद्धविराम पर कोई चर्चा नहीं होगी। उन्होंने ईरान की सैन्य शक्ति को समाप्त करने का दावा किया है। जानें इस संघर्ष में क्या हो रहा है और ट्रंप ने नाटो की भूमिका पर क्या कहा।
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ईरान के खिलाफ अमेरिका का सैन्य अभियान: ट्रंप का बड़ा बयान

संयुक्त हमलों का 22वां दिन


अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे संयुक्त सैन्य हमलों का आज 22वां दिन है। इस अवधि में, दोनों देशों ने मिलकर ईरान पर हजारों हमले किए हैं, जिससे ईरान को गंभीर नुकसान हुआ है। इसके बावजूद, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की है, जिसमें इजरायल और उन खाड़ी देशों पर हमले शामिल हैं, जहां अमेरिका के सैन्य ठिकाने स्थित हैं। इन हमलों के कारण अमेरिका को भी नुकसान उठाना पड़ा है।


ट्रंप का बयान

इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हम ईरान के साथ बातचीत कर सकते हैं, लेकिन युद्धविराम पर कोई चर्चा नहीं होगी। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि जब आप अपने प्रतिकूल को पूरी तरह से नष्ट कर रहे हैं, तो युद्धविराम की कोई संभावना नहीं होती।


ईरानी सेनाओं को नुकसान

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी और इजरायली कार्रवाइयों ने ईरान की नौसेना, वायु सेना और एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि सैन्य दृष्टि से ईरान अब समाप्त हो चुका है। ट्रंप ने ईरानी शासन की आलोचना करते हुए कहा कि हमने उन्हें कड़ी चोट पहुंचाई है।


नाटो की भूमिका पर सवाल

ट्रंप ने नाटो की भूमिका पर भी सवाल उठाया, यह कहते हुए कि नाटो बहुत पीछे चला गया है। उन्होंने कहा कि कई सीनेटर और सांसद नाटो की निष्क्रियता से नाराज हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या इजरायल ईरान के खिलाफ युद्ध समाप्त कर सकता है, तो ट्रंप ने कहा कि ऐसा संभव है।


खार्ग द्वीप पर अमेरिकी रणनीति

खार्ग द्वीप पर अमेरिकी रणनीति के बारे में ट्रंप ने कहा कि वह इस विषय पर अभी कुछ नहीं बता सकते। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के महत्व पर उन्होंने कहा कि यह एक साधारण सैन्य कदम है, लेकिन इसके लिए बड़ी मदद की आवश्यकता होती है।