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ईरान के खिलाफ युद्ध के लिए अमेरिका को और फंड की आवश्यकता

अमेरिका को ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध के लिए लगभग दो लाख करोड़ रुपए की और आवश्यकता है। राष्ट्रपति ट्रंप के प्रशासन ने इस संघर्ष में अब तक डेढ़ लाख करोड़ रुपए खर्च किए हैं। पेंटागन को अतिरिक्त धन की आवश्यकता है, जबकि रक्षा मंत्री ने पूर्व राष्ट्रपति बाइडेन पर आरोप लगाया है कि उन्होंने यूक्रेन को हथियार देकर अमेरिका के भंडार को कमजोर किया। जानें इस स्थिति के बारे में और क्या हो रहा है।
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अमेरिका को ईरान के खिलाफ युद्ध के लिए अतिरिक्त धन की आवश्यकता

नई दिल्ली। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन को ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध के लिए लगभग दो लाख करोड़ रुपए की और आवश्यकता है। अमेरिका अब तक इस संघर्ष में करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपए खर्च कर चुका है। चूंकि ईरान के साथ युद्ध अपेक्षा से अधिक लंबा खींच रहा है, इसलिए यह महंगा होता जा रहा है और अमेरिका को और अधिक धन की आवश्यकता महसूस हो रही है। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन को इस युद्ध को जारी रखने के लिए लगभग दो सौ अरब डॉलर, यानी एक लाख 85 हजार करोड़ रुपए के अतिरिक्त फंड की आवश्यकता हो सकती है। यह प्रस्ताव व्हाइट हाउस को भेजा जा चुका है।


अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘बुरे लोगों को समाप्त करने में खर्च होता है’। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दो सौ अरब डॉलर का आंकड़ा अभी निश्चित नहीं है और इसमें परिवर्तन संभव है। इसके साथ ही, रक्षा मंत्री ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन पर आरोप लगाया कि उन्होंने 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद यूक्रेन को हथियार और सैन्य उपकरण देकर अमेरिका के हथियार भंडार को कमजोर कर दिया।


‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, बाइडेन प्रशासन ने यूक्रेन को मुख्य रूप से जमीन से उपयोग होने वाले हथियार और सैन्य वाहन प्रदान किए थे। उन्होंने टॉमहॉक मिसाइल जैसे महंगे और उन्नत हथियारों का बड़े पैमाने पर वितरण नहीं किया, जबकि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई में ऐसे हथियारों का अधिक उपयोग किया है। इस बीच, अमेरिका के दो प्रमुख मंत्रियों, विदेश मंत्री मार्को रूबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ गई हैं। उनके आवास के ऊपर संदिग्ध ड्रोन उड़ते देखे गए, जिसके बाद उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अमेरिका ने अपने दूतावासों की सुरक्षा को भी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।