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ईरान के नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी पर अमेरिका और इजरायल का हमला

इस्लामिक रिपब्लिक के एटॉमिक एनर्जी ऑर्गनाइजेशन ने बताया है कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान के नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हमला किया। इस हमले के बाद स्थानीय मीडिया ने जानकारी दी कि रेडियोएक्टिव रिसाव की कोई खबर नहीं है। आईएईए ने भी इस हमले के बाद नतांज में हुए नुकसान की पुष्टि की है। जानें इस हमले के पीछे की कहानी और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
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ईरान के नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी पर अमेरिका और इजरायल का हमला

हमले की जानकारी

तेहरान - इस्लामिक रिपब्लिक के एटॉमिक एनर्जी ऑर्गनाइजेशन ने बताया है कि अमेरिका और इजरायल ने शनिवार सुबह ईरान के नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हमला किया। यह जानकारी स्थानीय मीडिया द्वारा साझा की गई है।


संगठन का बयान

तसनीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, संगठन ने कहा, “अमेरिका और इजरायली शासन ने नतांज एनरिचमेंट कॉम्प्लेक्स को निशाना बनाया।” इसके साथ ही यह भी बताया गया कि केंद्रीय ईरान में किसी प्रकार का “रेडियोएक्टिव रिसाव” नहीं हुआ है।


स्थानीय लोगों की सुरक्षा

रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले से आस-पास के निवासियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। यह हमला तब हुआ जब यूएस और इजरायल के बीच सैन्य संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हुई थी। 3 मार्च को इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (आईएईए) ने पुष्टि की थी कि नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी में कुछ इमारतों को हल्का नुकसान हुआ है।


सैटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण

इजरायल द्वारा जारी की गई सैटेलाइट तस्वीरों के संदर्भ में यह बयान सामने आया है। हाल की तस्वीरों में यूएस-इजरायली बमबारी के दौरान हुए नुकसान को स्पष्ट रूप से देखा गया था। अंतर्राष्ट्रीय एजेंसी ने नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी में हुए नुकसान की पुष्टि की है।


आईएईए की रिपोर्ट

एजेंसी ने एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा, “ताजा सैटेलाइट इमेजरी के आधार पर, आईएईए ने नतांज फ्यूल एनरिचमेंट प्लांट की एंट्रेंस बिल्डिंग्स को हुए हालिया नुकसान की पुष्टि की है; इससे कोई खतरा नहीं है और एफईपी पर कोई अन्य असर नहीं देखा गया है।”


भविष्य की अपील

नतांज फैसिलिटी जून में इजरायल और ईरान के बीच हुए पिछले युद्ध का एक प्रमुख लक्ष्य थी, जिसमें अमेरिका भी शामिल था। आईएईए के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने कहा कि यूएस-इजरायल के हमलों में ईरान के किसी परमाणु केंद्र को नुकसान पहुंचने के संकेत नहीं मिले हैं। उन्होंने सभी देशों से संयम बरतने की अपील की है।