ईरान के मिसाइल हमले से इजरायल में बढ़ा तनाव, 100 से अधिक घायल
मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव
ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों से इजरायल में हुई तबाही का
मध्य पूर्व में हालात एक बार फिर गंभीर हो गए हैं। ईरान ने इजरायल पर एक नया मिसाइल हमला किया है, जिसमें 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इस हमले में बच्चों की संख्या भी शामिल है, जो चिंता का विषय है। दक्षिणी इजरायल के शहर अराद और दिमोना इस हमले के प्रमुख लक्ष्य बने। जैसे ही मिसाइलें गिरीं, रिहायशी क्षेत्रों में अफरा-तफरी मच गई और कई इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
अराद में लगभग 75 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 10 की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं, दिमोना में 33 लोग जख्मी हुए हैं, जिनमें एक 10 वर्षीय बच्चा भी शामिल है, जिसकी स्थिति नाजुक है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इजरायल का एयर डिफेंस सिस्टम इस बार पूरी तरह से विफल रहा। इंटरसेप्टर मिसाइलें लॉन्च की गईं, लेकिन वे बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में असफल रहीं, जिससे नुकसान और बढ़ गया। दिमोना की स्थिति और भी संवेदनशील है, क्योंकि यहां इजरायल का परमाणु केंद्र स्थित है। इस हमले ने सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस घटना पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे “भविष्य की जंग में एक कठिन शाम” बताया। उन्होंने सभी सरकारी एजेंसियों को राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
इजरायल के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को “नागरिकों को निशाना बनाने वाला युद्ध अपराध” करार दिया है। मंत्रालय ने आरोप लगाया है कि ईरान जानबूझकर आम लोगों को निशाना बना रहा है। दूसरी ओर, ईरान के सरकारी मीडिया ने इस हमले को नतांज परमाणु केंद्र पर हुए हमले का प्रतिशोध बताया है, जिससे यह स्पष्ट है कि दोनों देशों के बीच टकराव और बढ़ सकता है।
