ईरान के साथ वार्ता में अमेरिका का दबाव, ट्रंप ने ओमान को दी चेतावनी
अमेरिका का ईरान पर दबाव
नई दिल्ली। अमेरिका ईरान के साथ समझौते की बातचीत के दौरान दबाव बनाए रखना चाहता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बाद ओमान को भी चेतावनी दी है। उन्होंने होर्मुज की खाड़ी को लेकर ओमान को धमकी दी है। ट्रंप ने ईरान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उसके पास समझौता करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए रूस ने अमेरिका से अपील की है कि वह हमला न करे।
ओमान को ट्रंप की चेतावनी
ट्रंप ने ओमान को चेतावनी देते हुए कहा कि होर्मुज की खाड़ी एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग है और किसी एक देश का उस पर नियंत्रण नहीं हो सकता। सभी देशों के जहाजों को वहां से गुजरने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि ईरान होर्मुज की खाड़ी से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूलने के लिए ओमान के साथ एक प्रणाली विकसित करने पर चर्चा कर रहा है।
ट्रंप का बयान
ट्रंप ने कहा, 'हम होर्मुज पर नजर रखेंगे, लेकिन इसे कोई नियंत्रित नहीं करेगा। ईरान इसे नियंत्रित करना चाहता है, लेकिन ऐसा नहीं होगा। यह अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र है। ओमान को भी अन्य देशों की तरह व्यवहार करना होगा, अन्यथा उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को लगा था कि वह बातचीत से पीछे हट जाएंगे, लेकिन अब तेहरान के पास समझौता करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
रूस की मध्यस्थता
व्हाइट हाउस में कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा, 'ईरान को लगा था कि वे मुझे थका देंगे। उन्हें लगा कि मेरे सामने मध्यावधि चुनाव हैं, लेकिन मुझे इसकी परवाह नहीं है। अब ईरान केवल समझौता करना चाहता है।' इस बीच, रूस ने अमेरिका और ईरान से बातचीत जारी रखने और युद्ध की स्थिति से बचने की अपील की है। रूस ने यह भी कहा कि वह ईरान से एनरिच्ड यूरेनियम हटाने में मदद के लिए तैयार है। रूस की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने कहा कि मॉस्को चाहता है कि अमेरिका और ईरान सैन्य टकराव की ओर न बढ़ें और बातचीत जारी रखें।
