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ईरान के साथ शांति वार्ता में अमेरिका की चुनौतियाँ

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ स्थायी युद्धविराम की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन ईरान का रुख इस दिशा में सकारात्मक नहीं है। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा है कि राष्ट्रीय सम्मान बनाए रखना महत्वपूर्ण है। ईरान ने अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को सीजफायर समझौते का उल्लंघन बताया है। कतर की मीडिया के अनुसार, वार्ता कई दिनों तक चल सकती है, जिसमें अस्थायी समझौते पर हस्ताक्षर करने का प्रयास किया जाएगा।
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ईरान के साथ शांति वार्ता में अमेरिका की चुनौतियाँ

ईरान के राष्ट्रपति का बयान

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ स्थायी युद्धविराम और समझौते की आशा कर रहे हैं, लेकिन ईरान का रुख इस दिशा में सकारात्मक नहीं दिख रहा है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने स्पष्ट किया है कि युद्ध समाप्त करते समय राष्ट्रीय सम्मान को बनाए रखना सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में सूझबूझ और रणनीतिक निर्णय लेना आवश्यक है, ताकि देश सुरक्षित तरीके से इस संकट से बाहर निकल सके।


अमेरिका की धमकियों का असर

ईरान ने पहले ही यह स्पष्ट किया है कि अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी सीजफायर समझौते का उल्लंघन है और अमेरिका की धमकी भरी भाषा स्थिति को और बिगाड़ रही है। इस बीच, कतर की मीडिया ‘अल जजीरा’ ने सूत्रों के हवाले से बताया कि वार्ता एक दिन नहीं, बल्कि कई दिनों तक चल सकती है। प्रयास यह है कि एक अस्थायी समझौता, यानी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाएं, जिससे सीजफायर को आगे बढ़ाया जा सके और लगभग 60 दिनों का समय मिले ताकि एक व्यापक शांति समझौता तैयार किया जा सके।