ईरान के सुप्रीम लीडर का अमेरिका और इजरायल पर कड़ा बयान
खामेनेई का तीखा संदेश
नई दिल्ली - ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका और उसके सहयोगियों के खिलाफ एक कड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने अपने टेलीग्राम चैनल पर कहा कि खाड़ी क्षेत्र के देश अब अमेरिका के सैन्य ठिकानों के लिए सुरक्षा कवच का काम नहीं करेंगे। यह बयान उस समय आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास तेज हो गए हैं, और कई देश सीजफायर के लिए मध्यस्थता कर रहे हैं।
खामेनेई ने अमेरिका को 'महान शैतान' और इजरायल को उसका 'प्रशिक्षित जानवर' बताते हुए ईरानी सशस्त्र बलों की सराहना की। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमलों का प्रभावी जवाब दिया है और भविष्य में किसी भी दबाव के सामने नहीं झुकेगा।
ईरानी नेता ने खाड़ी देशों को भी चेतावनी दी। उनका कहना था कि यदि सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात या कतर में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों का उपयोग ईरान के खिलाफ किया गया, तो तेहरान चुप नहीं बैठेगा। खामेनेई के अनुसार, क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति तेजी से बदल रही है और अमेरिका का प्रभाव कमजोर हो रहा है।
ईद-अल-अधा के अवसर पर अपने संदेश में खामेनेई ने कहा, 'समय का पहिया अब पीछे नहीं लौटेगा और इस क्षेत्र की भूमि अमेरिकी ठिकानों के लिए सुरक्षित नहीं रहेगी।' उन्होंने यह भी कहा कि खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के लिए अब कोई स्थायी सुरक्षित स्थान नहीं बचा है।
खामेनेई ने यह भी बताया कि अमेरिका का मध्य पूर्व में दशकों पुराना दबदबा अब समाप्ति की ओर है। उनके अनुसार, वाशिंगटन हर दिन अपनी पुरानी स्थिति से दूर होता जा रहा है और क्षेत्रीय समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम को लेकर एक प्रारंभिक समझौते पर चर्चा चल रही है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों पक्ष एक समझौता ज्ञापन की दिशा में बढ़ रहे हैं, जिसके तहत 60 दिनों के भीतर व्यापक समझौते पर बातचीत की जा सकती है। हालांकि, अभी तक किसी भी पक्ष ने इसकी औपचारिक पुष्टि नहीं की है।
