ईरान के सुप्रीम लीडर का आर्मी डे पर महत्वपूर्ण संबोधन
दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने की तैयारी
आर्मी डे पर संबोधन में, सेना को बिजली की गति से वार करने का निर्देश
Mojtaba Khamenei (तेहरान) : जहां एक ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ समझौते की संभावना पर चर्चा कर रहे हैं, वहीं ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का दृष्टिकोण इससे भिन्न है। आर्मी डे के अवसर पर उन्होंने कहा कि ईरान अपनी सेना को और अधिक मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में कदम उठाएगा।
खामेनेई ने कहा कि ईरानी सैनिकों में साहस की कोई कमी नहीं है और वे पिछले 50 दिनों से विश्व की सबसे मजबूत सेना का सामना कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अब कमजोरी का समय समाप्त हो चुका है और ईरान अपनी सैन्य शक्ति को और बढ़ाने के लिए तैयार है। उन्होंने संकेत दिया कि नई रणनीतियों को जल्द लागू किया जाएगा, जिसमें ड्रोन और समुद्री ताकत को बढ़ाना शामिल हो सकता है।
खामेनेई का पहला आर्मी डे संबोधन
यह खामेनेई का सुप्रीम लीडर बनने के बाद पहला आर्मी डे संबोधन था, जिससे इसकी महत्ता और बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि ईरान की सेना को और मजबूत बनाना आवश्यक है और उसे बिजली की तरह वार करने की क्षमता विकसित करनी चाहिए। हालिया युद्ध ने दुश्मनों की कमजोरी को उजागर किया है और उन्होंने कहा कि सेना की ताकत बढ़ाने के लिए जल्द ही नए कदम उठाए जाएंगे।
ड्रोन की तकनीकी ताकत पर जोर
सुप्रीम लीडर ने विशेष रूप से सेना की तकनीकी क्षमताओं, ड्रोन की भूमिका और नौसेना की तत्परता की सराहना की। उन्होंने कहा कि ईरान के ड्रोन दुश्मनों पर तेजी से हमला करते हैं और नौसेना किसी भी समय दुश्मनों को हराने के लिए तैयार है। उन्होंने हाल ही में समाप्त हुए युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि ईरान की सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड ने मिलकर दुश्मनों को भारी नुकसान पहुंचाया। यह युद्ध 8 अप्रैल को युद्धविराम के साथ समाप्त हुआ था, जिसे उन्होंने एक बड़ी जीत बताया।
