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ईरान के सुप्रीम लीडर की मृत्यु के बाद मिडिल ईस्ट में उड़ानों पर असर

ईरान के सुप्रीम लीडर की मृत्यु के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है, जिसका असर भारतीय एयरलाइंस की उड़ानों पर पड़ा है। कई उड़ानें रद्द हो गई हैं, जिससे यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय स्थिति पर नजर रख रहा है और यात्रियों की सहायता के लिए कदम उठा रहा है। जानें इस स्थिति के बारे में और अधिक जानकारी।
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ईरान के सुप्रीम लीडर की मृत्यु के बाद मिडिल ईस्ट में उड़ानों पर असर

मिडिल ईस्ट में तनाव और उड़ानों पर प्रभाव


ईरान के सर्वोच्च नेता के निधन के बाद मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है, जिसका सीधा असर उड़ानों पर पड़ रहा है। इस संघर्ष के चलते पश्चिम एशिया के कई देशों का एयरस्पेस चौथे दिन भी बंद रहा, जिससे भारतीय एयरलाइंस को कई रूट पर उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।


उड़ानों की रद्दीकरण की स्थिति

युद्ध के कारण घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवाएं प्रभावित हुई हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारत में 5 मार्च 2026 को घरेलू एयरलाइंस ने कुल 281 उड़ानें रद्द कीं, जिससे यात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। हालांकि, नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।


MoCA की पहल

MoCA ने स्थिति को देखते हुए 24 घंटे पैसेंजर असिस्टेंस कंट्रोल रूम (PACR) की स्थापना की है। एयरलाइंस के सहयोग से एयरसेवा, सोशल मीडिया और हेल्पलाइन के माध्यम से 1,461 शिकायतों का समाधान किया गया है। फंसे यात्रियों के लिए हेल्पलाइन नंबर 011-24604283 और 011-24632987 जारी किए गए हैं। मिडिल ईस्ट में फंसे भारतीयों के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।


किराए की बढ़ोतरी पर नियंत्रण

किराए में वृद्धि को रोकने के लिए निगरानी की जा रही है। मंत्रालय एयरलाइंस, एयरपोर्ट, रेगुलेटर और विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रहा है। सुरक्षा और सेवाओं को बहाल करना प्राथमिकता है। हालांकि, युद्ध के माहौल के बीच सऊदी अरब और ओमान ने अपने एयरस्पेस को सुरक्षित घोषित किया है, जिसके बाद एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने जेद्दा और मस्कट की उड़ानें फिर से शुरू की हैं।


एयरलाइंस की चुनौतियाँ

यात्रियों की आवश्यकताओं और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, शुक्रवार से दुबई, मस्कट और रास अल खैमाह के लिए अतिरिक्त उड़ानें निर्धारित की जा रही हैं। कई एयरलाइंस ने अपने ऑपरेशन को सीमित कर दिया है। इंडिगो ने शुक्रवार को मिडिल ईस्ट के आठ स्थानों के लिए 17 उड़ानें निर्धारित की हैं। स्पाइसजेट ने गुरुवार को 13 विशेष उड़ानें चलाईं, जिसमें अकासा एयर की मुंबई-जेद्दा राउंडट्रिप भी शामिल थी। हालांकि, अबू धाबी, दोहा, रियाद और कुवैत की उड़ानों को 7 मार्च तक के लिए रद्द कर दिया गया है।


एयर इंडिया ग्रुप की सेवाएं

एयर इंडिया ग्रुप की वेस्ट एशिया सेवाएं 10 मार्च तक बंद रहेंगी। भारतीय एयरलाइंस की मिडिल ईस्ट पर अधिक निर्भरता के कारण उन्हें बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। यह क्षेत्र यूरोप, एशिया और अन्य देशों को जोड़ता है। इसके अलावा, तेल की कीमतों में वृद्धि और उड़ानों की रद्दीकरण से नुकसान बढ़ रहा है। एयरलाइंस को राजस्व घाटा भी झेलना पड़ रहा है, जिससे भारत के लिए स्थिति कठिन हो रही है। हालांकि, सरकार स्थिति पर नजर रख रही है और राहत देने का प्रयास कर रही है।