ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत पर शोक और प्रतिक्रिया
खामेनेई की मृत्यु की पुष्टि
खामेनेई की मृत्यु: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में हुई है। ईरान की सरकारी मीडिया ने इस खबर की पुष्टि की है। इस घटना के बाद, ईरान सरकार ने पूरे देश में 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक और 7 दिनों का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। खामेनेई को शिया मुस्लिम समुदाय का सबसे प्रभावशाली नेता माना जाता था। उनकी मृत्यु पर भारत में भी शिया समुदाय में शोक का माहौल है।
धर्मगुरुओं की प्रतिक्रियाएँ
लखनऊ में शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने खामेनेई की मौत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "ये सभी कायर हैं जिन्होंने एक ऐसे नेता को शहीद किया जो हमेशा कमजोरों की मदद करता था। ट्रंप और नेतन्याहू ने अपने डेथ वारंट पर साइन कर दिए हैं। अल्लाह उन्हें सज़ा देगा। हमने तीन दिन के शोक का ऐलान किया है, और लोगों को अपनी दुकानें और व्यवसाय बंद कर देने चाहिए, लेकिन हमें किसी पर दबाव नहीं डालना चाहिए। यह मानवता के लिए एक बड़ा नुकसान है। हम आज रात 8 बजे कैंडललाइट मार्च निकालेंगे।"
शिया धर्मगुरुओं की और प्रतिक्रियाएँ
शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने कहा, "यह बहुत बुरी खबर है जो ईरानी मीडिया ने चलाई है। हम शहादत से नहीं डरते। खामेनेई को मारकर, अमेरिका और इजरायल दुनिया को यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्होंने ईरान को बर्बाद कर दिया है। ईरान इसका करारा जवाब देगा। सभी यहूदी नेताओं को खत्म कर दिया जाएगा।" मौलाना सैयद सैफ अब्बास नकवी ने कहा, "अमेरिका और इजरायल ने मध्य पूर्व को युद्ध में धकेल दिया है; यह पूरे मुस्लिम समुदाय के लिए दुख का दिन है क्योंकि ईरान के सुप्रीम लीडर ने सभी मुसलमानों से बात की।"
हमले का विवरण
ईरानी सरकारी मीडिया ने पुष्टि की है कि खामेनेई की मौत अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों में हुई है। यह हमला 28 फरवरी, 2026 को सुबह तेहरान में खामेनेई के आवास और कार्यालय को निशाना बनाकर किया गया था।
