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ईरान के हमलों में तेजी, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने अमेरिका का समर्थन किया

ईरान ने सुप्रीम लीडर खामेनेई की हत्या के बाद अपने हमलों को तेज कर दिया है, जिससे अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की चिंता बढ़ गई है। ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने ईरान के हमलों को रोकने के लिए अमेरिका के साथ मिलकर काम करने का निर्णय लिया है। इस स्थिति में इराकी मिलिशिया और हिज्बुल्ला जैसे संगठन भी शामिल हैं। जानें इस संकट के पीछे की वजह और पश्चिमी देशों की प्रतिक्रिया के बारे में।
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ईरान के हमलों में तेजी, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने अमेरिका का समर्थन किया

ईरान का आक्रामक रुख

मध्य पूर्व युद्ध : ईरान ने सुप्रीम लीडर खामेनेई की हत्या के बाद अपने हमलों को और तेज कर दिया है। ईरानी सेना अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगी खाड़ी देशों पर हमले कर रही है। इस संघर्ष में इराकी मिलिशिया और हिज्बुल्ला जैसे संगठन भी ईरान के साथ खड़े हैं। इस बीच, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने ईरान के जवाबी हमलों को रोकने के लिए अमेरिका और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई है।

समाचार स्रोत के अनुसार, ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने एक संयुक्त बयान में कहा कि वे ईरान के “लापरवाह” हमलों से “हैरान” हैं, जो उनके सैनिकों और क्षेत्र के नागरिकों के लिए खतरा बन रहे हैं। बयान में कहा गया, “हम अपने और क्षेत्र में अपने सहयोगियों के हितों की रक्षा के लिए कदम उठाएंगे, जिसमें ईरान की मिसाइलों और ड्रोन की क्षमता को खत्म करने के लिए आवश्यक रक्षा कार्रवाई करना शामिल है। हम इस मामले पर अमेरिका और क्षेत्र के सहयोगियों के साथ मिलकर काम करने के लिए सहमत हुए हैं।”