ईरान ने अमेरिका की चेतावनी के बीच किया सैन्य अभ्यास
ईरान और रूस का संयुक्त सैन्य अभ्यास
रूसी सेना के साथ मिलकर किया वार्षिक सैन्य युद्ध अभ्यास, पश्चिमी एशिया की शांति के लिए बड़ा खतरा
US-Iran Conflict (तेहरान): ईरान ने अमेरिका के साथ चल रहे तनाव के बीच अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं। उसने पहले ही यह स्पष्ट किया था कि वह किसी भी बाहरी दबाव के आगे नहीं झुकेगा। हाल ही में, ईरानी सेना ने रूसी सेना के साथ मिलकर एक बड़ा युद्ध अभ्यास किया। अमेरिकी युद्धपोतों की तैनाती के बीच, इस अभ्यास को अमेरिका के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
वार्ता का कोई परिणाम नहीं
यह ध्यान देने योग्य है कि तनाव के बीच, दोनों देशों के बीच कई बार वार्ता हुई है, लेकिन सभी प्रयास बेनतीजा रहे हैं। पहले ओमान में और फिर जिनेवा में हुई वार्ता भी सफल नहीं हो पाई। इसके बाद स्थिति और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। ईरान ने अमेरिका और इस्राइल की मांगों पर चर्चा करने से इनकार कर दिया है, जिसमें ईरान के मिसाइल कार्यक्रम में कटौती और सशस्त्र समूहों से संबंध तोड़ने की मांग शामिल है। हाल के अप्रत्यक्ष वार्ताओं में भी कोई महत्वपूर्ण प्रगति नहीं हुई है।
ईरान की शर्तों पर अमेरिका का दबाव
हाल ही में, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ईरान अभी तक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा निर्धारित प्रमुख शर्तों को मानने के लिए तैयार नहीं है। वेंस ने बताया कि जिनेवा में हुई बातचीत 'कुछ मायनों में ठीक रही' क्योंकि दोनों देशों ने आगे की बैठकें जारी रखने पर सहमति जताई है। लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान ने अब तक ट्रंप की प्रमुख शर्तों को स्वीकार नहीं किया है, जिसमें ईरान का परमाणु कार्यक्रम सबसे बड़ा मुद्दा है।
खामेनेई की चेतावनी
हाल ही में, जब अमेरिका ने 24 घंटे में 50 से अधिक लड़ाकू विमान पश्चिम एशिया में भेजने की सूचना दी, तो ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने सोशल मीडिया पर अमेरिकी सेना को धमकी दी कि दुनिया की सबसे ताकतवर सेना पर ऐसा हमला होगा कि वे दोबारा उठ नहीं पाएंगे।
