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ईरान ने अमेरिका की धमकियों के बीच युद्धविराम वार्ता रोकी

ईरान ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के चलते युद्धविराम वार्ता को रोकने का निर्णय लिया है। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने देश की रक्षा के लिए ईरानियों की कुर्बानी की बात की है। वहीं, अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने युद्ध समाप्त होने की उम्मीद जताई है। इस बीच, ईरान की इस्लामिक गार्ड्स ने पड़ोसी देशों को चेतावनी दी है। जानें इस तनाव के पीछे की वजहें और दोनों देशों के बीच संभावित बातचीत की स्थिति।
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ईरान ने अमेरिका की धमकियों के बीच युद्धविराम वार्ता रोकी

ईरान की प्रतिक्रिया

नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के चलते, ईरान ने युद्धविराम के लिए सभी वार्ताओं को रोकने का निर्णय लिया है। 'तेहरान टाइम्स' की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने सभी कूटनीतिक प्रयासों और बैक चैनल वार्ताओं को समाप्त कर दिया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने मंगलवार को यह दावा किया कि देश की रक्षा के लिए 1.4 करोड़ से अधिक ईरानी अपनी जान देने के लिए तैयार हैं। राष्ट्रपति ने इस कुर्बानी के लिए अपनी प्रतिबद्धता भी जताई। उल्लेखनीय है कि ट्रंप ने मंगलवार की रात को ईरान की सभ्यता को समाप्त करने की धमकी दी थी।


बातचीत की संभावनाएं

हालांकि, ट्रंप की धमकियों के बीच ईरान ने युद्धविराम वार्ता को रोक दिया है। 'तेहरान टाइम्स' के अनुसार, दोनों देशों के बीच मध्यस्थता के जरिए होने वाले संवाद भी बंद कर दिए गए हैं। दूसरी ओर, कतर के मीडिया समूह 'अल जजीरा' ने पाकिस्तानी सूत्रों के हवाले से बताया है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की कोशिशें अभी भी जारी हैं। अन्य रिपोर्टों में भी यह कहा गया है कि पाकिस्तान दोनों देशों के बीच संवाद स्थापित करने का प्रयास कर रहा है।


अमेरिका की स्थिति

जहां एक ओर अमेरिका के राष्ट्रपति ईरान की सभ्यता को मिटाने की धमकी दे रहे हैं, वहीं उप राष्ट्रपति जेडी वेंस का कहना है कि युद्ध जल्द ही समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान के सैन्य उद्देश्यों को पूरा किया जा चुका है। वेंस ने कहा कि अब निर्णय ईरान के हाथ में है। उन्होंने यह भी कहा कि 'जंग शुरू होने से पहले भी ईरानी बातचीत में धीमे थे और अब भी हैं। कभी-कभी संदेश पहुंचने में समय लगता है, लेकिन हमें विश्वास है कि हमें जवाब मिलेगा, चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक'। वेंस ने आगे कहा, 'आज रात आठ बजे तक हमें ईरानियों से जवाब मिल जाएगा। मुझे उम्मीद है कि वे सही जवाब देंगे, क्योंकि हम एक ऐसे विश्व की कामना करते हैं जहां तेल और गैस का प्रवाह बिना किसी रुकावट के हो'।


ईरान की चेतावनी

इस बीच, ईरान की इस्लामिक गार्ड्स (आईआरजीसी) ने पड़ोसी देशों को चेतावनी दी है। आईआरजीसी ने कहा है कि अमेरिका के सहयोगियों पर हमले किए जाएंगे। उन्होंने कहा, 'हम अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के बुनियादी ढांचे को इस तरह से निशाना बनाएंगे कि अमेरिका और उसके साथी सालों तक इस क्षेत्र के तेल और गैस से दूर रहेंगे। अमेरिका के साझीदारों को यह भी समझना चाहिए कि हमने अब तक अच्छे पड़ोसियों के लिए बहुत संयम बरता है'। ईरान ने खाड़ी देशों से बाहर भी हमले की धमकी दी है।