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ईरान ने अमेरिका के शांति प्रस्ताव को किया अस्वीकार, रखी पांच शर्तें

ईरान ने अमेरिका द्वारा प्रस्तुत 15 सूत्री शांति प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है और अपनी पांच शर्तें रखी हैं, जिसमें युद्ध समाप्त करने और मुआवजे की मांग शामिल है। पाकिस्तान और तुर्किए दोनों ही मध्यस्थता की भूमिका निभाने का दावा कर रहे हैं। ईरान का मानना है कि उप राष्ट्रपति जेडी वेंस वार्ताकार के रूप में बेहतर विकल्प हैं। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या हो रहा है।
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ईरान ने अमेरिका के शांति प्रस्ताव को किया अस्वीकार, रखी पांच शर्तें

ईरान का शांति प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया

नई दिल्ली। अमेरिका द्वारा प्रस्तुत 15 बिंदुओं का शांति प्रस्ताव ईरान को प्राप्त हुआ है, लेकिन ईरान ने इसे अस्वीकार कर दिया है। ईरान ने अपनी पांच शर्तें रखी हैं, जिनमें तत्काल युद्ध समाप्त करने और अपने नागरिकों की हत्या पर रोक लगाने की मांग शामिल है। इसके अलावा, ईरान ने भविष्य में युद्ध न होने की ठोस गारंटी की भी आवश्यकता जताई है। ईरान ने नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की मांग की है और अपने सभी प्रॉक्सी समूहों पर हमले रोकने की भी अपील की है। इसके अतिरिक्त, ईरान ने यह भी कहा है कि होरमुज की खाड़ी पर उसकी संप्रभुता को पूरी दुनिया द्वारा मान्यता दी जानी चाहिए।


मध्यस्थता की कोशिशें

पाकिस्तान और तुर्किए दोनों ही यह दावा कर रहे हैं कि वे ईरान के साथ अमेरिका और इजराइल के बीच युद्ध को रोकने में मध्यस्थता कर रहे हैं। इस बीच, खबरें हैं कि पाकिस्तान के दो अधिकारियों ने अमेरिका के 15 बिंदुओं के शांति प्रस्ताव को ईरान तक पहुंचाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान को राष्ट्रपति ट्रंप के दामाद पर भरोसा नहीं है और वह चाहता है कि अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस को वार्ताकार बनाया जाए। ईरान का मानना है कि उप राष्ट्रपति वेंस युद्ध के समर्थक नहीं हैं।


तुर्किए की मध्यस्थता की भूमिका

दूसरी ओर, तुर्किए के विदेश मामलों के उपाध्यक्ष हारुन अरमगान ने कहा है कि उनका देश ईरान और अमेरिका के बीच संदेश पहुंचाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनका उद्देश्य तनाव को कम करना और दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत का मार्ग प्रशस्त करना है। अरमगान ने यह भी बताया कि तुर्किए के अमेरिका और ईरान दोनों के साथ अच्छे संबंध हैं और वह कुछ देशों के सहयोग से खुद को मध्यस्थ के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।


पाकिस्तान की भूमिका

हालांकि, मध्यस्थता के लिए राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से संपर्क किया था। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान ने अमेरिका द्वारा दिए गए सीजफायर से संबंधित प्रस्ताव ईरान को सौंप दिए हैं। अब ईरान के जवाब का इंतजार किया जा रहा है। हालांकि, पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रजा अमीरी मोगदाम ने कहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच अब तक कोई बातचीत नहीं हुई है।


ईरान के राजदूत का बयान

पाकिस्तान में ईरान के राजदूत ने कहा, 'हमने भी मीडिया में ऐसी खबरें सुनी हैं, लेकिन मेरी जानकारी के अनुसार और ट्रंप के दावों के विपरीत, दोनों देशों के बीच अब तक न तो सीधी और न ही परोक्ष बातचीत हुई है।' मोगदाम ने यह भी बताया कि कुछ मित्र देशों ने दोनों पक्षों के साथ बातचीत और संपर्क किया है, ताकि युद्ध को समाप्त करने की कोशिश की जा सके।