ईरान ने अमेरिका के साथ वार्ता को जारी रखने का संकेत दिया
ईरान की वार्ता पर नई स्थिति
नई दिल्ली - इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई वार्ता के निष्कर्ष पर वैश्विक स्तर पर इसे 'डेड-एंड' माना गया। हालांकि, ईरान ने स्पष्ट किया है कि बातचीत का मार्ग अब भी खुला है। ईरानी सरकार ने उन अटकलों को खारिज किया है, जो यह कह रही थीं कि अमेरिका के साथ संवाद पूरी तरह समाप्त हो गया है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने कहा, “खेल अभी खत्म नहीं हुआ है” और दोनों देश बातचीत जारी रखने के इच्छुक हैं। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वार्ता विफल मानी जा रही थी।
क्या आगे भी जारी रहेगी बातचीत?
ईरानी प्रवक्ता ने कहा कि दशकों से चले आ रहे अविश्वास और हालिया तनाव को देखते हुए यह उम्मीद करना गलत है कि एक ही बैठक में सभी मुद्दे सुलझ जाएंगे। उनके अनुसार, तेहरान और वॉशिंगटन कुछ मुद्दों पर सहमति के करीब पहुंचे हैं, लेकिन अब भी दो-तीन अहम मामलों पर गंभीर मतभेद बने हुए हैं। ईरान ने संकेत दिया है कि वह बातचीत की प्रक्रिया को खत्म करने के पक्ष में नहीं है।
पहली ही बैठक में समझौते की उम्मीद नहीं थी
Esmail Baghaei ने ईरानी मीडिया से बातचीत में माना कि ये वार्ताएं बेहद जटिल परिस्थितियों में हो रही हैं। उन्होंने कहा कि हालिया 40 दिनों के संघर्ष के बाद अविश्वास का माहौल स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी ने यह नहीं सोचा था कि पहली ही बैठक में कोई बड़ा समझौता हो जाएगा। “न हमने और न ही किसी और ने यह उम्मीद की थी कि पहली मुलाकात में डील पक्की हो जाएगी,” उन्होंने कहा।
अमेरिका पर डाली जिम्मेदारी
ईरान ने स्पष्ट किया है कि अब वार्ता की सफलता काफी हद तक अमेरिका के रुख पर निर्भर करती है। तेहरान का कहना है कि जब तक अमेरिका ईरान के वैधानिक अधिकारों और उसके हितों को स्वीकार नहीं करता, तब तक किसी अंतिम समझौते तक पहुंचना मुश्किल रहेगा। इस बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि भले ही फिलहाल कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया हो, लेकिन कूटनीतिक प्रयास अभी जारी रहेंगे और आने वाले समय में इस वार्ता का नया दौर देखने को मिल सकता है।
