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ईरान ने ट्रंप की धमकी पर अमेरिका को दी चेतावनी

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कालिबाफ ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि यदि ट्रंप की धमकियों के चलते ईरान पर हमला किया गया, तो अमेरिकी सेना और इस्राइल दोनों को निशाना बनाया जाएगा। यह बयान उस समय आया है जब ईरानी संसद में अमेरिका के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। ट्रंप के हालिया संकेतों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है, और इस्राइल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। नेतन्याहू और अमेरिकी विदेश मंत्री के बीच भी इस मुद्दे पर बातचीत हुई है।
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ईरान ने ट्रंप की धमकी पर अमेरिका को दी चेतावनी

ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया

तेहरान/वॉशिंगटन - ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कालिबाफ ने अमेरिका को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के चलते ईरान पर हमला किया गया, तो अमेरिकी सेना और इस्राइल दोनों ईरान के लक्ष्यों में शामिल होंगे।


संसद में विरोध प्रदर्शन

कालिबाफ का यह बयान उस समय आया है जब ईरानी संसद में अमेरिका के खिलाफ तीव्र विरोध देखा गया। कई सांसदों ने मंच पर चढ़कर ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ के नारे लगाए। इस दौरान कालिबाफ ने कहा कि ईरान किसी भी हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।


ट्रंप के बयान से बढ़ा तनाव

ट्रंप के संकेत के बाद बढ़ा तनाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान के प्रति अपनी नीति में बदलाव का संकेत दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार को अमेरिकी सेना ने ट्रंप को ईरान पर संभावित हमले के विकल्पों की जानकारी दी, जिसके बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है।


इस्राइल की सुरक्षा स्थिति

इस्राइल हाई अलर्ट पर
अमेरिकी हमले की संभावना को देखते हुए इस्राइल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस्राइली सुरक्षा एजेंसियां अमेरिका की संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए सतर्क हैं। हाल के दिनों में इस विषय पर कई उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठकें भी आयोजित की गई हैं।


नेतन्याहू और रुबियो के बीच वार्ता

नेतन्याहू और रुबियो के बीच बातचीत
सूत्रों के अनुसार, शनिवार को इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसमें ईरान में अमेरिकी हस्तक्षेप की संभावनाओं पर चर्चा की गई।


ग्रीनलैंड पर चर्चा

ग्रीनलैंड को लेकर भी चर्चा
इस बीच, एक ब्रिटिश अखबार की रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी सेना को ग्रीनलैंड से संबंधित संभावित सैन्य विकल्पों पर आकस्मिक योजनाएं तैयार करने का निर्देश दिया है। हालांकि, शीर्ष अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने इस विचार का विरोध किया है और इसकी वैधता पर सवाल उठाए हैं।