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ईरान ने ब्रिटेन को चेतावनी दी, संघर्ष में भागीदारी बढ़ने पर होगा जवाब

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने ब्रिटेन को चेतावनी दी है कि यदि संघर्ष में उनकी भागीदारी बढ़ती है, तो तेहरान जवाबी कार्रवाई करेगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि ब्रिटिश नागरिक ईरान के खिलाफ युद्ध का हिस्सा नहीं बनना चाहते। इस बीच, ईरान ने एक महत्वपूर्ण सैन्य अड्डे की ओर मिसाइलें दागीं, जो उनकी मिसाइल क्षमताओं को लेकर चिंताएं बढ़ा रही हैं। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि वे किसी बड़े युद्ध में शामिल नहीं होंगे, लेकिन सहयोगियों का समर्थन करने के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।
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ईरान ने ब्रिटेन को चेतावनी दी, संघर्ष में भागीदारी बढ़ने पर होगा जवाब

ईरान की कड़ी चेतावनी

तेहरान: इजरायल और अमेरिका के साथ चल रहे संघर्ष के बीच, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने यूनाइटेड किंगडम को गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने शनिवार को कहा कि यदि ब्रिटेन की भागीदारी इस संघर्ष में बढ़ती है, तो ईरान इसका जवाब देगा। अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, "ब्रिटेन की अधिकांश जनता ईरान के खिलाफ इजरायल-अमेरिका के युद्ध का हिस्सा नहीं बनना चाहती है। कीर स्टार्मर अपने नागरिकों की अनदेखी करते हुए ब्रिटिश सैन्य ठिकानों को ईरान के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति देकर उनके जीवन को खतरे में डाल रहे हैं। ईरान अपने आत्मरक्षा के अधिकार का उपयोग करेगा।"


संघर्ष में बढ़ती भागीदारी

यह बयान तब आया है जब रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अमेरिकी सेना को ब्रिटिश सैन्य ठिकानों तक पहुंच दी गई है। अराघची ने यूके की गृह सचिव यवेट कूपर के साथ फोन पर बातचीत में भी इसी चिंता को व्यक्त किया और चेतावनी दी कि इस तरह का सहयोग ईरान के खिलाफ आक्रामकता में भागीदारी माना जाएगा। हालांकि, ब्रिटेन सरकार ने इस पर विरोध जताया है। कूपर ने ईरान को चेतावनी दी कि वह ब्रिटेन के ठिकानों या हितों को लक्षित करने से बचे, अन्यथा इससे तनाव और बढ़ सकता है।


मिसाइल हमले की कोशिश

तनाव तब और बढ़ गया जब ईरान ने हिंद महासागर में स्थित एक महत्वपूर्ण संयुक्त अमेरिका-ब्रिटेन सैन्य अड्डे डिएगो गार्सिया की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, दोनों मिसाइलें अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकीं। एक मिसाइल बीच में ही विफल हो गई, जबकि दूसरी को अमेरिकी नौसेना के इंटरसेप्टर ने रोक लिया। यह स्पष्ट नहीं है कि उसे पूरी तरह नष्ट किया गया या नहीं।


ईरान की मिसाइल क्षमताएं

इस हमले की कोशिश ने ईरान की मिसाइल क्षमताओं को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि डिएगो गार्सिया ईरानी इलाके से लगभग 4,000 किलोमीटर दूर है, जिससे यह संकेत मिलता है कि ईरान की मिसाइलों की रेंज पहले के अनुमान से अधिक है। यह बेस क्षेत्रीय सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिसमें अमेरिकी बॉम्बर, न्यूक्लियर सबमरीन और गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर शामिल हैं।


ब्रिटेन का सैन्य रुख

इस बीच, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि ब्रिटेन मध्य पूर्व के संघर्ष में व्यापक सैन्य भूमिका नहीं चाहता। उन्होंने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा कि ब्रिटेन किसी बड़े युद्ध में शामिल नहीं होगा, लेकिन वह अपने सहयोगियों का समर्थन करने के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, जिसमें रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए नौसैनिक तैनाती भी शामिल हो सकती है।


कूटनीतिक समाधान की कोशिश

स्टार्मर ने स्थिति की जटिलता को स्वीकार करते हुए कहा कि सैन्य भागीदारी पर निर्णय लेना कठिन है, खासकर अमेरिका के दबाव के बीच। उन्होंने जोर देकर कहा कि ब्रिटेन अपने हितों और सहयोगियों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन वह इस क्षेत्र में स्थिरता वापस लाने के लिए कूटनीतिक समाधान की कोशिश कर रहा है।