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ईरान पर अमेरिका-इजराइल का युद्ध: क्षेत्र में बढ़ता तनाव

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध ने वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ा दिया है। हाल ही में ईरान के नए सुप्रीम लीडर के चुनाव और अमेरिकी हमलों के बीच स्थिति और भी जटिल हो गई है। जानें इस संघर्ष का क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभाव क्या है।
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ईरान पर अमेरिका-इजराइल का युद्ध: क्षेत्र में बढ़ता तनाव

ईरान पर अमेरिका-इजराइल का युद्ध


ईरान पर अमेरिका-इजराइल का युद्ध: पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति को लेकर पिछले 10 दिनों में काफी घटनाक्रम हुए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष का प्रभाव वैश्विक स्तर पर महसूस किया जा रहा है। जहां एक ओर ईरान में अमेरिकी हमलों के दौरान मिसाइलों की आवाजें सुनाई दे रही हैं, वहीं ईरान भी खाड़ी में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले कर रहा है। हाल ही में अमेरिकी नौसेना ने फारस की खाड़ी में ईरान के तीन तेल टैंकरों पर हमला किया है। इस हमले के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।


वहीं, तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने यह दावा किया है कि ईरान ने एक बैलिस्टिक मिसाइल उनकी ओर छोड़ी थी, जिसे नाटो के डिफेंस सिस्टम ने सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया। इस घटना में किसी को भी नुकसान नहीं हुआ है।


इस बीच, ईरान में राजनीतिक हलचल के बीच अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुना गया है। असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने सोमवार को यह निर्णय लिया। इसके बाद से ईरान के राजनीतिक और सैन्य संस्थान उनके समर्थन में खड़े होते नजर आ रहे हैं। असेंबली ने ईरानियों से नए नेता के प्रति निष्ठा और एकता बनाए रखने की अपील की है। परिषद ने यह भी कहा कि यह निर्णय बाहरी दबाव और सुरक्षा खतरों के बावजूद लिया गया है।


ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारिजानी ने कहा कि अली खामेनेई की मृत्यु के बाद दुश्मनों को लगा था कि ईरान राजनीतिक संकट में फंस जाएगा, लेकिन कानूनी प्रक्रिया के तहत मोजतबा खामेनेई को नया नेता चुना गया।


युद्ध का प्रभाव केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं है। अमेरिकी विदेश विभाग ने सुरक्षा खतरों के बढ़ने के कारण सऊदी अरब में गैर-जरूरी अमेरिकी राजनयिकों को तुरंत वहां से निकलने का आदेश दिया है।