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ईरान पर इजराइल और अमेरिका का हमला: छठे दिन भी जारी है संघर्ष

ईरान पर इजराइल और अमेरिका के हमले का छठा दिन जारी है, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के ठिकानों पर हमले किए हैं। अजरबैजान में ईरानी ड्रोन गिरने की घटना ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इस बीच, अमेरिका ने एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया है, जिससे कई नौसैनिकों की मौत हुई है। जानें इस संघर्ष की पूरी कहानी और इसके पीछे के कारण।
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ईरान पर इजराइल और अमेरिका का हमला: छठे दिन भी जारी है संघर्ष

संघर्ष का छठा दिन

नई दिल्ली। ईरान पर इजराइल और अमेरिका के हमले का छठा दिन भी जारी रहा। इजराइल ने अमेरिका के कई ठिकानों पर बड़ा हमला किया, जबकि ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की। गुरुवार को ईरान के दो ड्रोन अजरबैजान में गिरे, जिस पर वहां की सरकार ने नाराजगी जताई और माफी की मांग की। इससे पहले, इजराइल और अमेरिका की सेनाओं ने ईरान के महत्वपूर्ण ठिकानों पर मिसाइलें दागी थीं.


जंग की स्थिति

इजराइल और अमेरिका ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला शुरू किया था। इस संघर्ष में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत हो चुकी है। दोनों देशों ने छह दिन में पांच हजार से अधिक बम गिराए हैं, जिससे ईरान में एक हजार से ज्यादा लोग मारे गए हैं। ईरान के 20 युद्धपोतों को नष्ट करने का दावा भी किया गया है। इस बीच, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने एक अमेरिकी एफ 15ई स्ट्राइक फाइटर को मार गिराने का दावा किया है.


अजरबैजान की प्रतिक्रिया

अजरबैजान ने अपने ऊपर हुए ड्रोन हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। राष्ट्रपति इलहाम अलीयेव ने कहा कि ईरान को इस घटना के लिए माफी मांगनी चाहिए। अजरबैजान ने ईरानी राजदूत को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि एक ड्रोन नखचिवान अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के टर्मिनल से टकराया, जबकि दूसरा शकराबाद गांव में एक स्कूल के पास गिरा। इस घटना में एयरपोर्ट टर्मिनल को नुकसान पहुंचा और दो नागरिक घायल हुए.


अमेरिका का हमला

बुधवार को अमेरिका ने भारत से लौट रहे एक ईरानी युद्धपोत आईआरआईएस डेना को श्रीलंका के पास हमला कर डुबो दिया। इस हमले में लगभग 90 ईरानी नौसैनिक मारे गए हैं। श्रीलंकाई सरकार ने यह जानकारी दी। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि हिंद महासागर में अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी जहाज को टॉरपीडो से निशाना बनाकर डुबो दिया। श्रीलंका की नौसेना ने 32 घायल नौसैनिकों को बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया है। यह ईरानी युद्धपोत पिछले महीने भारत के विशाखापत्तनम में आयोजित 2026 इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में हिस्सा लेकर लौट रहा था.