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ईरान पर हमले के बाद सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी

ईरान के परमाणु संयंत्र पर हालिया हमले ने सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न कर दी हैं। अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के बीच, ईरान ने हमले के बाद रेडियोधर्मी रिसाव की आशंका जताई है। इस घटना के बाद इजराइल की सेना ने भी ईरान के पेट्रोकेमिकल क्षेत्र पर हमले किए हैं, जिसमें कई लोग घायल हुए हैं। ईरान ने अमेरिकी विमानों को गिराने का दावा किया है, जबकि राष्ट्रपति ट्रंप ने इस स्थिति को युद्ध की संज्ञा दी है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में अधिक जानकारी।
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ईरान पर हमले के बाद सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी

ईरान के परमाणु संयंत्र पर हमला

नई दिल्ली। अमेरिका और इजराइल के हमलों के 36वें दिन, शनिवार को ईरान के परमाणु संयंत्र के निकट एक हमला हुआ। बुशहर में स्थित इस संयंत्र पर हमले के बाद, ईरान ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि इस तरह के हमले से संयंत्र को नुकसान पहुंचा, तो रेडियोधर्मी रिसाव हो सकता है, जिससे सभी खाड़ी देशों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, बुशहर में हमले के दौरान एक प्रोजेक्टाइल गिरा, जिससे एक सुरक्षाकर्मी की मृत्यु हो गई।


इजराइल का हमला

इस बीच, इजराइल की सेना ने ईरान के खुजेस्तान प्रांत में महशहर पेट्रोकेमिकल स्पेशल इकोनॉमिक जोन पर भी हमला किया है। ईरानी मीडिया के अनुसार, इस क्षेत्र में कई धमाके हुए, जिसके बाद धुएं का गुबार उठता हुआ देखा गया। इजराइली सेना के सूत्रों ने पुष्टि की है कि ये हमले उनकी वायु सेना द्वारा किए गए थे। इस हमले में तीन कंपनियों को निशाना बनाया गया, जिसमें पांच लोग घायल हुए हैं।


ईरान का विमान गिराने का दावा

एक दिन पहले, ईरान ने अमेरिका के दो लड़ाकू विमानों को मार गिराने का दावा किया था। ईरान ने कहा कि उसने एफ-35 विमान को गिराया, लेकिन बाद में यह स्पष्ट हुआ कि वह एफ-15ई विमान था। इसके अलावा, ए-10 विमान भी ईरान ने गिराया। पहले विमान का एक पायलट लापता है, जिसकी खोज जारी है। हालांकि, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इस घटना का दोनों देशों के बीच बातचीत पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।


ट्रंप का बयान

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, 'हम युद्ध में हैं।' उन्होंने अमेरिकी मीडिया 'एनबीसी' के साथ एक फोन इंटरव्यू में यह बात कही। वहीं, ईरान ने अमेरिकी लड़ाकू विमान के पायलट को पकड़ने पर 10 अरब ईरानी तोमान (लगभग 55 लाख रुपए) का इनाम घोषित किया है। ईरान के सरकारी मीडिया ने नागरिकों से अपील की है कि वे अमेरिकी पायलट को जिंदा पकड़कर सरकारी अधिकारियों या सेना को सौंपें।