ईरान में खामेनेई के खिलाफ प्रदर्शनों में 7 लोगों की मौत, अमेरिका ने दी चेतावनी
ईरान में बढ़ते प्रदर्शनों की स्थिति
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दी चेतावनी, कहा प्रदर्शनकारियों की हत्या हुई तो फिर हमला करेंगे
ईरान में महंगाई और सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों में हिंसा बढ़ती जा रही है। अब तक इन प्रदर्शनों में 7 लोगों की जान जा चुकी है। ये प्रदर्शन ईरान के पवित्र शहर कोम तक फैल चुके हैं, जो शिया धर्मगुरुओं का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने राजशाही के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनों की शुरुआत और हिंसा
प्रदर्शनों की शुरुआत 28 दिसंबर को हुई थी, जिसके दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुईं। 1 जनवरी को 5 लोगों की मौत हुई, जबकि 31 दिसंबर को एक व्यक्ति की गोलीबारी में जान गई। अब तक 6 आम नागरिकों और 1 सुरक्षा बल के सदस्य की मौत हो चुकी है।
अमेरिका का समर्थन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या की गई, तो अमेरिका कार्रवाई करने के लिए तैयार है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अगर ईरान प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाता है, तो अमेरिका उनकी मदद करेगा।
महंगाई का प्रभाव
ईरान में जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा आर्थिक संकट से जूझ रहा है। दिसंबर 2025 में ईरानी मुद्रा रियाल की कीमत गिरकर 1.45 मिलियन प्रति अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में 72% और दवाओं की कीमतों में 50% की वृद्धि हुई है।
राष्ट्रपति का बयान
राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने प्रदर्शनों के लिए विदेशी हस्तक्षेप को जिम्मेदार ठहराया है और देशवासियों से एकजुट रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विदेशी ताकतें देश में फूट डालकर अपने फायदे के लिए काम कर रही हैं।
क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी की मांग
आर्थिक संकट और सख्त धार्मिक शासन के खिलाफ लोग अब बदलाव की मांग कर रहे हैं। इसी कारण 65 वर्षीय क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी को सत्ता सौंपने की मांग उठ रही है। प्रदर्शनकारी उन्हें एक धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक विकल्प मानते हैं।
