ईरान में प्रदर्शनकारियों की हत्या का दावा: 12,000 लोगों की मौत
ईरान में हत्याओं का भयानक आंकड़ा
ब्रिटिश वेबसाइट का दावा, ईरान में सबसे बड़ा हत्याकांड
Iran Protest, नई दिल्ली: ईरान में अब तक 12,000 प्रदर्शनकारियों की हत्या का दावा किया जा रहा है। यह आंकड़ा पिछले 17 दिनों में हुई हत्याओं का है। यह जानकारी ईरान से संबंधित मामलों को कवर करने वाली एक ब्रिटिश वेबसाइट द्वारा दी गई है, जिसने इसे ईरान के आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा हत्याकांड बताया है।
मृतकों की संख्या पर विवाद
हालांकि, एक समाचार एजेंसी ने ईरानी अधिकारियों के हवाले से मरने वालों की संख्या 2,000 बताई है। वेबसाइट का कहना है कि यह जानकारी विभिन्न स्रोतों पर आधारित है और इसे कई स्तरों पर जांचा गया है। अधिकांश मृतक 30 वर्ष से कम उम्र के थे। जर्मनी के चांसलर फेडरिक मर्त्ज ने भारत दौरे के दौरान कहा कि ईरान में सरकार का खेल खत्म हो चुका है।
सुप्रीम लीडर के आदेश पर हत्याएं
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अधिकांश हत्याएं रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और बसीज फोर्स द्वारा की गईं, जो सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के आदेश पर हुईं। दावा किया गया है कि ये हत्याएं 8 और 9 जनवरी की रात को हुईं। सरकार ने इंटरनेट और संचार को ठप कर अपने अपराधों को दुनिया से छिपाने का प्रयास किया है।
ट्रम्प का मिलिट्री एक्शन पर विचार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ मिलिट्री कार्रवाई का प्लान फिलहाल रोक दिया है। हालांकि, उन्होंने अमेरिकी सेना को तैयार रहने के लिए कहा है। ट्रम्प का कहना है कि ईरान के अधिकारी व्हाइट हाउस से बातचीत करना चाहते हैं।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि ईरान की ओर से जो बातें सार्वजनिक की जा रही हैं, वे अमेरिकी प्रशासन को भेजे गए प्राइवेट संदेशों से भिन्न हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति इन संदेशों को समझना चाहते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई से नहीं हिचकिचाएंगे।
ईरान के साथ व्यापार पर टैरिफ
ट्रम्प ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की है। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू होगा। हालांकि, व्हाइट हाउस ने इस टैरिफ के बारे में आधिकारिक दस्तावेज जारी नहीं किया है। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं।
ईरान की करेंसी की स्थिति
ईरान की करेंसी रियाल की वैल्यू अब लगभग जीरो के बराबर पहुंच चुकी है। भारतीय मुद्रा में 1 रियाल की कीमत केवल 0.000079 रुपए रह गई है। अमेरिका पहले ही ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा चुका है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान से व्यापार करने वाले प्रमुख देशों में चीन, संयुक्त अरब अमीरात और भारत शामिल हैं। टैरिफ लागू होने पर इन देशों के अमेरिका के साथ व्यापार पर असर पड़ सकता है।
