ईरान में प्रदर्शनों को रोकने के लिए खामेनेई ने 5000 शिया लड़ाकों को तैनात किया
धार्मिक यात्रा के बहाने इराक से बुलाए गए लड़ाके
ईरान में हो रहे हिंसक प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने 5,000 इराकी शिया लड़ाकों की मदद ली है। यह जानकारी एक मीडिया रिपोर्ट में सामने आई है। प्रदर्शनकारियों की मौतों की संख्या में वृद्धि के साथ ही प्रदर्शन शांत होने लगे हैं। इन लड़ाकों को धार्मिक यात्रा के बहाने इराक से ईरान लाया गया।
विदेशी मिलिटेंट ग्रुप्स का सहारा लेना खामेनेई की एक सोची-समझी रणनीति
एक यूरोपीय सैन्य स्रोत ने पुष्टि की है कि लगभग 800 शिया लड़ाके दियाला, मायसान और बसरा प्रांतों से ईरान पहुंचे हैं। इस मामले पर इराक सरकार और लंदन स्थित ईरानी दूतावास से प्रतिक्रिया मांगी गई, लेकिन अभी तक कोई उत्तर नहीं मिला है। एक विशेषज्ञ ने बताया कि प्रदर्शनों को दबाने के लिए विदेशी मिलिटेंट ग्रुप्स का सहारा लेना खामेनेई की एक सोची-समझी रणनीति है, जिससे प्रदर्शनकारियों और विदेशी लड़ाकों के बीच सहानुभूति न पनपे।
बसों में काली टी-शर्ट पहने आदमी थे
इराकी गृह मंत्रालय से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि 11 जनवरी को 60 से अधिक 50 सीटर बसों में शिया तीर्थयात्री ईरान की ओर रवाना हुए। अधिकारी के अनुसार, बसों में केवल पुरुष थे, न कि परिवार या वृद्ध। सभी ने एक जैसी काली टी-शर्ट पहन रखी थी।
पिछले कुछ दिनों से तेहरान में शांति
तेहरान के एक निवासी ने बताया कि इराकी लड़ाकों ने प्रदर्शनकारियों का नरसंहार करना शुरू कर दिया था, जिसके कारण विरोध प्रदर्शन बंद हो गए थे। न्यूयॉर्क पोस्ट से बातचीत में उन्होंने कहा कि लोग अपने घरों से बाहर निकलने से डरने लगे थे, क्योंकि मशीनगन लिए इराकी लड़ाकों ने ईरान की सड़कों पर कब्जा कर लिया था।
इस कारण अब ईरान में बड़े स्तर पर कोई प्रदर्शन नहीं हो रहे हैं। रिपोर्टों में कहा गया है कि पिछले कुछ दिनों से तेहरान में शांति है। शहर के ऊपर ड्रोन उड़ रहे हैं और 16 और 17 जनवरी को किसी भी प्रकार का विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ।
