ईरान में भारतीय नाविक सुरक्षित, जहाज को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया
जहाज को ईरान के सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया
भारतीय नाविकों की सुरक्षा की पुष्टि
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य में दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं। हाल ही में, अमेरिका ने एक ईरानी मालवाहक जहाज को अपने कब्जे में लिया, जबकि ईरान ने तीन विदेशी जहाजों को जब्त किया है, जो चेतावनी के बावजूद जलडमरूमध्य में प्रवेश कर रहे थे। इनमें फ्रांसेस्का और एपापिनोंडास शामिल हैं, साथ ही पनामा के ध्वज वाला यूफोरिया भी है।
भारतीय मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट की
भारतीय अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हिरासत में लिए गए जहाज पर सवार भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। यह जानकारी एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने दी। बताया गया है कि जहाज को अब ईरान के सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया है। आंकड़ों के अनुसार, फ्रांसेस्का पर कोई भारतीय चालक दल नहीं है, लेकिन एपापिनोंडास पर 21 सदस्यों में से एक भारतीय नागरिक है। इसके अलावा, यूफोरिया पर 21 भारतीय नाविक मौजूद हैं।
22 अप्रैल को संकट की शुरुआत
यह संकट 22 अप्रैल को शुरू हुआ, जब ईरान ने खाड़ी क्षेत्र से बाहर निकलने का प्रयास कर रहे दो विदेशी कंटेनर जहाजों को अपने कब्जे में लिया। इसके साथ ही, एक तीसरे जहाज पर ईरानी सेना द्वारा फायरिंग की भी खबर आई। यह कदम अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी के विरोध में उठाया गया।
ईरानी सैनिकों ने समुद्र में फ्रांसेस्का और एपापिनोंडास पर धावा बोला। बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के निदेशक मनदीप सिंह रंधावा ने कहा, 'खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। भारत की ओर आ रहे एपापिनोंडास जहाज पर सवार एकमात्र भारतीय नाविक से बात हो चुकी है और वह पूरी तरह सुरक्षित है। इस जहाज के चालक दल में अधिकांश सदस्य यूक्रेन और फिलीपींस के नागरिक हैं।'
सुरक्षित स्थान पर सभी नाविक
यह दावा किया गया है कि ईरानी सेना ने पहले जहाज को होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में रखा था, लेकिन अब इसे पूर्वी दिशा में स्थानांतरित किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्वी हिस्सा अधिक सुरक्षित है। होर्मुज सीधे ईरानी सुरक्षा बलों के प्रभाव में है। किसी भी जहाज को इस संघर्ष क्षेत्र से बाहर निकलने के लिए पूर्व की ओर बढ़ना पड़ता है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, 21 भारतीय नाविकों वाला यूफोरिया जहाज पहले से ही पूर्वी हिस्से में स्थित है। मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय ध्वज वाले जहाज के साथ कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। हालांकि, पिछले दो महीनों से जारी तनाव के कारण 13 भारतीय ध्वज वाले जहाज और एक भारतीय स्वामित्व वाला जहाज अभी भी पश्चिमी हिस्से में फंसे हुए हैं।
