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ईरान में भारतीय मेडिकल छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी

ईरान में बढ़ते हिंसक प्रदर्शनों के बीच लगभग 3,000 भारतीय मेडिकल छात्र संकट में हैं। AIMSA ने विदेश मंत्री से सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। छात्रों और उनके परिवारों में चिंता बढ़ रही है, जबकि जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री मोदी से भी हस्तक्षेप की अपील की है। जानें इस गंभीर स्थिति के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
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ईरान में भारतीय मेडिकल छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी

ईरान में छात्रों की मुश्किलें


ईरान में जारी हिंसक प्रदर्शनों और अस्थिरता के कारण लगभग 3,000 भारतीय मेडिकल छात्र संकट में हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में अशांति और झड़पों के चलते छात्रों और उनके परिवारों की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं।


AIMSA की विदेश मंत्री को चिट्ठी

ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) के विदेशी छात्रों के विंग ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। AIMSA के जम्मू-कश्मीर यूनिट के उपाध्यक्ष मोहम्मद मोमिन खान ने चिट्ठी में ईरान में भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है।


चिट्ठी में कहा गया है कि ईरान में स्थिति तेजी से बिगड़ रही है और वहां पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्र असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। एसोसिएशन ने सरकार से इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देने की अपील की है।


छात्रों और परिवारों में दहशत

AIMSA के अनुसार, ईरान में छात्र विभिन्न मेडिकल विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे हैं और स्थानीय हॉस्टल, किराए के मकान और संस्थानों पर निर्भर हैं। मौजूदा हालात ने उनकी रोजमर्रा की जिंदगी और पढ़ाई को प्रभावित किया है। परिवार भी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।


एहतियाती कदमों की मांग

छात्रों की एसोसिएशन ने विदेश मंत्रालय से कई आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है। इनमें भारतीय दूतावास के साथ बेहतर समन्वय, आपातकालीन हेल्पलाइन की स्थापना, समय-समय पर सलाह जारी करना और जरूरत पड़ने पर छात्रों को सुरक्षित निकालने की तैयारी शामिल है। AIMSA का मानना है कि इन कदमों से छात्रों और उनके परिवारों में विश्वास बढ़ेगा।


पीएम मोदी से अपील

ईरान में बढ़ती महंगाई, आर्थिक संकट और सरकार विरोधी प्रदर्शनों के कारण स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई है। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। इससे पहले, जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर ईरान में फंसे भारतीय मेडिकल छात्रों, विशेषकर कश्मीर से संबंधित छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की थी।